देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद एवं जी.एल.ए विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में महावन स्थित महाकवि रसखान एवं ताज की समाधि स्थल पर अष्ट दिवसीय भव्य सांझी महोत्सव में वृन्दावनी सांझी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन कलाकारों द्वारा किया गया। जिसका अवलोकन स्थानीय एवं बाहर से आये श्रद्धालुओं द्वारा किया गया। वृन्दावन के श्रीगोदा विहार मंदिर स्थित ब्रज संस्कृति शोध संस्थान के विशेष सहयोग यह अष्ट दिवसीय भव्य सांझी महोत्सव आयोजित किया गया। ब्रज संस्कृति शोध संस्थान के सचिव लक्ष्मीनारायण तिवारी ने बताया कि संस्थान द्वारा प्रथम बार भक्त कवि रसखान एवं ताज के समाधि परिसर में आयोजित होने वाले भव्य सांझी महोत्सव में संस्थान के साँझी कलाकार विश्वजीत दास, बृजगोपाल चित्रकार,मदन मोहन शर्मा,संजय सोनी ,कमलेश शर्मा व दीपाली कुलश्रेष्ठ ने अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनकी कला को देख कर सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
साँझी ने किया मन्दिरों से अमेरिका तक का सफर
झ्स वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन को सांझी के खाके की कलाकृति भेंट कर ब्रज की इस अनूठी देवालयी कला के कलाकारों का मान सम्मान पूरे विश्व में बढ़ाया है। ब्रज संस्कृति शोध संस्थान, मंदिर श्रीधाम गोदा विहार,वृंदावन के द्वारा कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक में प्रथम बार साझी का प्रदर्शन किया गया था। संस्थान द्वारा ब्रज की देवालयी कला सांझी के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु अनेक प्रयास विगत अनेक वर्षों से किये जा रहे हैं। संस्थान द्वारा ब्रह्मकुंड पर साँझी मेले का पुनः प्रारम्भ कराया गया था। संस्थान के कलाकारों द्वारा साँझी की ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कार्यशाला एवं साँझी विषयक अनेक व्याख्यान भी आयोजित किये गए।
हेमा मालिनी ने संसद में उठाई कलाकारों के मन की बात
मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने संसद में प्रथम बार ब्रज की सांझी कला एवं उसके कलाकारों के उत्थान की आवाज बुलंद की। सांझी कला एवं कलाकारों को लेकर सांसद ने केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय से प्रश्न पूछे हैं एवं कलाकारों के कल्याण हेतु योजना प्रारम्भ करने का आग्रह किया ।













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