देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। गांव जैसवां के जवान जीतू की एक हादसे में असम में मौत हो गई। बुधवार देर सायं उसका शव गांव पहुंचा तो ग्रामीणों की आंखे नम हो गई। गुस्सा इस बात को लेकर था कि जवान का शव पहुंचने के बाद भी जिले से कोई भी अधिकारी गांव नहीं पहुंचा। सुबह ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने शव को यमुना एक्सप्रेस वे पर रखकर जाम लगा दिया। इसके बाद एक्सप्रेस वे पर दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। सूचना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या मंे पुलिस बल पहुंच गया। ग्रामीण मृतक फौजी को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे है।
असोम में एक हादसे में जान गंवाने वाले मथुरा जनपद के गांव जेसबां के जवान जीतू का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। ग्रामीणों ने जवान का पार्थिव शरीर एक्सप्रेसवे के किनारे रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों की मांग है कि सेना के जवान को शहीद का दर्जा दिया जाए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं कि बुधवार की रात शव आने के बाद भी जिले का कोई अफसर जवान के घर नहीं पहुंचा। यमुना एक्सप्रेसवे पर जाम लगने के बाद दोनों ओर वाहनों के पहिये थम गए।
एक्सप्रेसवे जाम होने की सूचना पर पुलिस में खलबली
एक्सप्रेसवे जाम होने की सूचना पर पुलिस में खलबली मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन, ग्रामीण किसी भी बात को सुनने के लिए राजी थे। यमुना एक्सप्रेसवे पर मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात कर दिया गया। ग्रामीणों की मांग थी कि गांव में सैनिक सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया जाएगा।













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