देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। सर्दी शुरू होते ही घरों में गैस गीजर का इस्तेमाल शुरू हो जाता है। हर साल अनेक घरों में नए गैस गीजर भी लगते हैं। विशेषज्ञों की राय है कि कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखकर गैस गीजर की वजह से होने वाले हादसों से बचा जा सकता है। गीजर बाथरूम के भीतर नहीं होना चाहिए। बाथरूम के बाहर गैस गीजर हो तो खतरा कम होता है। यह गाइड लाइंस गैस गीजर की पैकिंग पर भी दी जाती हैं लेकिन अक्सर लोग इसे नजरंदाज कर देते हैं। गैस गीजर का उपयोग न करने की कोशिश करें, लेकिन अगर बहुत जरुरी हो तो केवल मानक ब्रांडों के गीजर का ही उपयोग करें और उन्हें बाथरूम आदि से बाहर खुले में लगना चाहिए तथा गीजर के साथ दिए निर्देशों का ध्यान रखते हुए उपयोग करना चाहिए। राधा वैली में रहने वाले बिजली विभाग के एसडीओ राजकुमार की पत्नी पूनम बाथरूम में रह रही थीं। गैस गीजर चल रहा था। इसी दौरान वह बेहोश हो गईं। निजी चिकित्सालय में मृत घोषित कर दिया गया।
विभाग प्रमुख क्रिटिकल केयर विभाग नयति मेडिसिट डॉ विपुल मिश्रा ने बताया कि गीजर से जहरीली गैस कार्बन मोनोऑक्साइड निकलती है खासकर अगर कनेक्शन ठीक से न किया गया हो, ज्यादातर बाथरूम में वेंटिलेशन नहीं होता और पूरी तरह बंद होते हंै, जिससे बाथरूम में गैस इकट्ठा हो जाती है और इसमें कोई गंध न होने की वजह से पता भी नही चल पाता, जिसके चलते ऑक्सीजन शरीर के विभिन्न अंगों तक नही पहुंच पाती, और विषैली गैस के संपर्क में आने से और मरीज बेहोश तक हो जाते हैं और कोमा में भी जा सकते हैं। जल्द पता न लगने की स्थिति में मरीज की मृत्यु तक हो सकती हैं। गैस गीजर के बाथरूम में होने पर यदि कोई बेहोश हो जाये, तो मरीज को बाथरूम से निकाल कर खुली जगह पर ले जाएं और तुरंत अस्पताल लेकर जाएं, जिससे समय रहते इलाज शुरू हो सके और मरीज की जान बचायी जा सके।













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