देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मुंबई । अब बाबा रामदेव का संस्थान भी अदालत में घसीट लिया गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि क्या नागपुर में पतंजलि आयुर्वेद को 600 एकड से ज्यादा आवंटित जमीन मामूली कीमत पर दी गई और अगर कोई छूट दी गई तो उसके आधार क्या थे।
चीफ जस्टिस मंजुला चेल्लुर और जस्टिस जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ मुंबई कांग्रेस के प्रमुख संजय निरूपम की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिन्होंने कंपनी को जमीन आवंटन में अनियमितता के आरोप लगाए हैं। नागपुर के मल्टी मोडल इंटरनेशनल हब एयरपोर्ट (एमआईएचएएन) में फूड पार्क बनाने के लिए जमीन आवंटन किया गया है। पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि याचिका के जवाब में छह हफ्ते के अंदर जवाब दाखिल करें। अदालत ने कहा कि हलफनामे में जमीन आवंटन से संबंधित सभी कागज और ब्यौरा होंगे। जस्टिस चेल्लुुर ने कहा,हलफनामे में सरकार को कंपनी की तरफ से सौंपे गए प्रस्ताव को शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम केवल इतना जानना चाहते हैं कि अगर कंपनी को छूट दी गई है तो किस आधार पर दी गई है। हम जानना चाहते हैं कि क्या मामूली कीमत पर जमीन दी गई है। अदालत ने कहा,हम जानना चाहते हैं कि क्या किसानों की जमीन लेकर कंपनी को आवंटित किया गया।
साभार-khaskhabar.com













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