देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। जहां कोरोना मरीज मिले हैं वहां प्रशासन ने सख्ती बढा दी है। पुराने शहर को सील कर दिया गया है। साथ ही टाउनशिप और औरंगाबाद क्षेत्र को भी सील किया गया है। जहां मरीज नहीं मिले हैं वहां अभी भी अव्यवस्था हावी है। सुबह के समय मिलने वाली छूट में लोग बाजारों, सब्जी मंडी, अनाज मंडी में टूट पडते हैं।
हालांकि जागरूक लोग यह सब देख कर व्यथित होते हैं लेकिन कुछ करने की स्थिति में नहीं है। गिरधार पचैरी का कहना था कि प्रशासन के साथ साथ लोगो की नैतिक जिम्मेदारी भी बनती है। सभी को अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य को देखते हुए इस तरह की भीड़ करने से बचना चाहिए। अक्सर देखने मंे यही आ रहा है कि लोग इस महामारी को लेकर बिल्कुल भी जागरूक नही हैं, लोगांे मंे जागरूकता बहुत जरूरी है और प्रशासन को भी अब सख्ती से काम करना चाहिए क्योंकि मथुरा में भी खतरा बढ़ता जा रहा है। आरपी सिंह का कहना था कि मथुरा प्रशासन की ही सारी जिम्मेदारी नहीं बनती। भारतीय नागरिक होने पर हर इंसान की स्वयं की भी जिम्मेदारी बनती है। खुद भी जागरूक हों और दूसरों को भी जागरूक करें। मुरारी लाल अग्रवाल ने सवाल उठाया है कि कोरोना पॉजिटिव और उसके परेशान परिवार को एक बड़े गुनहगार की तरह प्रस्तुत किया जाना घोर अमानवीय है। उनके साथ एक सामान्य रोगी की तरह मानवीय व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने कहाकि हमें समझना होगा अगर इस तरह का व्यवहार लोग रखेंगे तो कोरोना मरीज खुद को छुपाएंगे इससे समस्या बढेगी। सुमित गोस्वामी ने बताया कि सब्जी मंडी और अनाज मंडी में दस प्रतिशत कमीशन के लिए आढतिया और फडवाले एडवाइरी का पालन नहीं कर रहे हैं। वह लोगों की भीड को आमंत्रित कर रहे हैं, उनके खिलाफ कडी कार्यवाही होनी चाहिए।













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