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जीएसटी की बढ़ती जटिलताओं के कारण लघु व्यापारियों को हो रही दिक्कत

मथुरा। फेडरेशन ऑफ आल इंडिया व्यापार मंडल मथुरा द्वारा जीएसटी कानून को पुनः लिखे जाने की मांग के साथ प्रधान मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी मथुरा की अनुपस्थिति में अपर जिला अधिकारी सतीश कुमार त्रिपाठी को सौंपा। ज्ञापन की प्रति सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय को भी दी गयी।


खुदरा व्यापारियों के लिए और सेवा प्रदाताओं के लिए जीएसटी का स्लैब 75 लाख के वार्षिक टर्नओवर से शिरू करने की मांग की गई है। संगठन ने मांग की है कि छह स्लैबों को समाप्त कर अधिक से अधिक तीन स्लैबों में समायोजन किया जाए। गलती पर एक बार छूट मिले और दंड रूप में जुर्माने की राशि कम होनी चाहिए क्योंकि प्रणाली बहुत जटिल है तथा सरकार का रवैया सहयोगी नहीं है।


फेडेरशन ऑफ आल इंडिया व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष अजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि 22 फरवरी को भी 200 से ज्यादा व्यापार मंडल इकाईयों ने ज्ञापन सौंपे थे। इस बार 400से भी ज्यादा इकाईयों ने उन्हीं मांगांे के साथ अनोरोध पत्र दिये हैं।


जीएसटी की बढ़ती जटिलताओं के कारण लघु व्यापारियों द्वारा अनुपालन में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए वर्तमान जीएसटी कानून में संरचनात्मक परिवर्तन की आवश्यकता है।


इस बार 400 से भी ज्यादा जनपद इकाई एवं सहयोगी संस्थाओ द्वारा आपको उपरोक्त आग्रह का पुनः  स्मरण करने हेतु ,यह अनुरोध पत्र भेजा जा रहा है।


 भारत का परंपरागत लघु खुदरा व्यापारी, भारत की अर्थव्यवस्था में एक रीढ़ की हड्डी के समान है।  वह न केवल सरकार का बोझ काम करने हेतु स्वरोजगार करता है वरन राष्ट्र के 44  करोड़ युवाओ को भी रोजगार प्रदान करता है। जीएसटी राजस्व संग्रह में सिर्फ 20 फीसदी संग्रह व्यापारियों से प्राप्त होता है जबकि 80 फीसदी संग्रह उद्योग एवं सेवा क्षेत्र से प्राप्त होता है।

ऐसी  अवस्था में यदि लघु व्यापारियों के लिए जीएसटी के प्रावधानों को सरल एवं सुगम कर दिया जाए तो राष्ट्र का प्रत्येक व्यापारी अपना सम्पूर्ण सामर्थ्य व्यापार बढ़ाने में लगाएगा और राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में अपनी भागीदारी और ज्यादा सुनिश्चित करेगा।

वर्तमान जीएसटी की सीमा व्यापारी के लिए 40  लाख वार्षिक एवं सेवा प्रदत्त के लिए 20 लाख वार्षिक को बढ़ा कर , एक सामान 75  लाख वार्षिक की जानी चाहिए। ऐसा करने से सरकार के राजस्व में सिर्फ तिल मात्र असर पड़ेगा परन्तु लाखो व्यापारियों को कठिन अनुपालन से मुक्ति प्राप्त हो जाएगी।

नारद संवाद

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