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चौमुहां। सोमवार की शाम सिहाना फाटक पर शेरगढ़ रजवाह की पटरी टूटने से पचास एकड़ फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने खुद ही पटरी पर मिट्टी डालकर पानी को रोका। किसानों ने विभागीय अधिकारियों ने खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
शेरगढ़ रजवाह जलकुम्भी व सिल्ट से अटा पड़ा है, जिसके चलते कि पानी आगे नही पहुंच पाता है। ऐसे में पटरी टूटकर पानी खेतों में पहुंच रहा है।
किसान गोपीचंद ने बताया कि पटरी दस फुट से अधिक टूट गई है। जिसके चलते रजवाह का पूरा पानी खेतों में जा रहा है। वह पिछले दो साल से पटरी की मरम्मत कराने के लिए सिचाई विभाग, एसडीएम, एक्सईएन को शिकायत पत्र दे रहा है, लेकिन अभी तक उसकी कोई भी सुनवाई नही हुई है। हर बार सिर्फ आश्वासन दे दिया जाता है। फोन करके विभागीय अधिकारियों को सूचना देदी गई है। उसके बाबजूद भी अभी तक कोई नही आया है। किसान खुद ही पटरी पर मिट्टी डालकर पानी को रोकने में लगे हुए है।
भगवानसिंह ने कहा कि पानी भरने के कारण सारी फसल बर्बाद हो गई है। अभी किसानों ने सरसों की बुवाई की थी। अब पानी से वह सब बर्बाद हो गई है।
द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि हर बार सिर्फ कागजों में ही रजवाह की सफाई दिखा दी जाती है, असल मे पूरा रजवाह जलकुम्भी से अटा हुआ है। जिसके चलते आगे पानी का निकास नही हो पाता है।
सभी किसानों ने मिलकर सिचाई विभाग, एसडीएम, एक्सईएन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान हाकिम सिंह, गोविंदराम, गिर्राज शर्मा, मुकेश शर्मा, सोनू सिसोदिया, राजपाल सिंह, वेदराम, विजेंद्र शर्मा, रामनिवास शर्मा, वेदराम शर्मा, मथुरा प्रसाद,रामहेत, राजेन्द्र, निहाल सिंह, हरीसिंह इत्यादि ने जिलाधिकारी से बीस हजार रुपये एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।













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