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MATHURA : पीड़ित मानवता की सेवा ही ईश्वर की सेवा

मथुरा। महायोगी भगवान श्रीकृष्ण (गोविन्द) की नगरी में पहुंचे महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने कहाकि महायोगी कृष्ण ने अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। इसके लिए उन्होंने मथुरा, वृंदावन को ही अपनी लीला स्थली चुना था। उसी तरह रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम  रोगियों की व्याधि मुक्त करने के लिए यहां काम कर रहा है। वृंदावन में ये अस्पताल पिछले एक साल में 5.50 लाख लोगों को रोगमुक्त कर चुका है। वे स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रभावित रहे हैं और बिहार के राज्यपाल के रहने दौरान मिशन के कामों को देखा था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम चैरिटेबल अस्पताल के शारदा ब्लाक के उदघाटन के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने आगरा में राधे-राधे लिखा दुपट्टा भेंट किये जाने का भी जिक्र किया। इससे पहले उन्होंने मिशन के अस्पताल का पूरी तरह निरीक्षण किया और उनके काम को सराहा।  
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के वृंदावन आगमन के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। राष्ट्रपति का काफिला जहां से गुजरना था वहां से काफी समय पहले जहां वाहनों को प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया था वहीं पैदल चलनेवालों को भी रोक दिया गया था। मगर इसके बावजूद सुरक्षाकर्मी बंदरों से पार नहीं पा सके और वह बांकेबिहारी मंदिर सहित सड़कों पर खुलेआम घूमते रहे।

महामहिम ने अपने हाथ से परिषदीय स्कूल के बच्चों को भोजन परोसा
बांके बिहारी जी के दर्शन और निकुंज वन में विजय कौशल महाराज से आशीर्वाद लेने के बाद राष्ट्रपति अक्षयपात्र पहुंचे। यहां परिषदीय स्कूल के बच्चों से मिले। उनके साथ फोटो भी खिंचवाया और फिर अपने हाथों से बच्चों को भोजन परोसा। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी बच्चों को भोजन परोसा।

हैलीकाप्टर से आना था, कार से पहुंचे
राष्ट्रपति रामनाथ काविंद का विमान आगरा के खेरिया एयरपोर्ट पर सुबह उतरा। तय कार्यक्रम के हिसाब से उन्हें यहां से हैलीकाप्टर से वृंदावन आना था। पांच हैलीपेड भी प्रशासन ने इसके लिए तैयार कराये थे। लेकिन सुबह धुंध होने की वजह से यमुना एक्सप्रेस वे के रास्ते उन्हें कार से वृंदावन तक लाया गया। कार्यक्रम में फेरबदल होने की वजह से वह एक घंटे विलंब से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे इसके लिए राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरूआत में ही एक घंटे विलंब से आने का कारण बताते हुए क्षमा मांगी।

एक घंटे पहले ही मंदिर से हटाए श्रद्धालु
विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में गुरुवार को राष्ट्रपति ने पत्नी सहित बिहारीजी के दर्शन किए। ाष्ट्रपति के आगमन से एक घंटे पहले मंदिर से श्रद्धालुओं को हटा दिया गया था। राष्ट्रपति ने बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुर जी के दर्शन किए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों के लिए पट बंद कर दिए गए थे। वहीं वहां के सेवायतों को भी बाहर कर दिया गया था। रामनाथ कोविंद के साथ उनकी पत्नी सविता कोविंद भी वृंदावन पहुंची। बांकेबिहारी मंदिर की गलिया तंग होने के चलते राष्ट्रपति का काफिले को मंदिर से काफी पहले रोक दिया गया था। वहां से राष्ट्रपति सहित राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथि गोल्फ कार्ट से मंदिर परिसर तक पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से आसपास की दुकानें भी बंद करा दी गई थी।


’कैंसर से पीड़ित मरीज की सेवा से बढ़कर ईश्वर की दूसरी सेवा नहीं हो सकती है। रामकृष्ण मिशन इस ओर बेहतर कार्य कर रहा है, मिशन से जुड़े लोगों का मैं इसके लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मिशन है कि देश के सभी लोगों को बेहतर सुविधाएं मिले, रामकृष्ण मिशन भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।’
-योगी आदित्यनाथ

 

नारद संवाद

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