देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। राष्ट्रीय लोकदल ने जिला पचायत अध्यक्ष की कुर्सी कब्जाने के लिए रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। रालोद ने पूर्व जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह सिकरवार पर दांव खेला है। राष्ट्रीय लोकदल समर्थित आठ जिला पंचायत सदस्य जीते हैं। जबकि बहुमत के लिए 17 की सख्या का आंकडा छूना होगा।
इस तहर रालोद को नौ सदस्यों का जुगाड करना होेगा। राजेन्द्र सिंह सिकरवार बल्देव क्षेत्र में रालोद को मजबूती देते रहे हैं। इसी क्षेत्र से पूर्व जिलाध्यक्ष रामवीर भरंगर और राजपाल भरंगर भी चुनाव जीते हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनूप सिंह भी चुनाव जीत कर आये हंै।
इनकी भी मजबूत दावेदारी थी। पार्टी ने राजेन्द्र सिंह सिकरवार पर दांव खेला है। रालोद जिलाध्यक्ष रामरसपाल पौनियां ने पार्टी की ओर से राजेन्द्र सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पार्टी की ओर से नामित किये जाने संबंधी पत्र जारी किया है। एक सदस्य समाजवादी पार्टी का भी जीत कर आया है।
सपा और रालोद के राजनीतिक संबध गठबंधन वाले हैं, यह बात अलग है कि मथुरा जनपद में दोनों पार्टियों ने पंचायत चुनाव अलग अलग अपने दम पर लडा। निर्दलीय भी इस स्थिति में बेहद महत्वपूर्ण हो गये हैं। दूसरी ओर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हथियाने के लिए भाजपा, बसपा और रालोद में जंग शुरू हो चुकी है।
भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए चार नामों का पैनल तैयार कर जल्द ही इसे प्रदेश नेतृत्व को भेजा जाएगा, यहां से एक पर मुहर लगने के बाद भाजपा जोड़तोड़ में जुटेगी। जिला पंचायत चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी बसपा के सभी सदस्यों पूर्व मंत्री विधायक श्यामसुंदर शर्मा के आवास पर एकत्रित हुए। सभी ने एकजुटता दिखाई। चार सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए बसपा नेता जुट गए हैं। जिला पंचायत सदस्य की 33 सीटों में से भाजपा की झोली में आठ आई हैं। वहीं बसपा के 13 जिला पंचायत सदस्य जीतकर आए हैं।













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