देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreदेश में कुछ लोगों को कोरोना टीके की दूसरी खुराक दूसरी कंपनी की लगाने का मामला सामने आया है। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने बताया कि प्रोटोकॉल के हिसाब से पहली खुराक जिस कंपनी की लगी है, दूसरी खुराक भी उसी की लगनी चाहिए। लेकिन अगर दो कंपनियों के टीके मिक्स भी हो गए हैं, तो भी चिंता की बात नहीं हैं। हालांकि लोगों को सजग रहना चाहिए कि पहली खुराक जिस कंपनी की भी ली है दूसरी डोज भी उसी कंपनी की लें।
इस दौरान उन्होंने बताया कि विश्व में वैक्सीन मिक्स करके देने की भी बात अभी चल रही है। कहा जा रहा है कि इससे प्रतिरोधक क्षमता में अधिक बढ़ोतरी होती है। जब इसके प्रमाण सामने आएंगे तब सभी को बताया जाएगा।
मिक्स डोज देने पर चल रही रिसर्च
बता दें कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी दो वैक्सीन को मिलाने पर शोध कर रही है। अभी तक के शोधकर्ताओं ने पाया कि अगर दो टीकों को मिक्स किया जाए तो कोई बड़ा खतरा नहीं है। हालांकि साइड इफेक्ट्स जरूर बढ़ सकते हैं। अभी इस बारे में कुछ साफ नहीं है कि वैक्सीन का कॉकटेल के कोरोना के खिलाफ कितनी इम्यूनिटी मिलती है। 'द लैंसेट' में छपी रिसर्च के मुताबिक, रिसर्चर्स ने पहले लोगों को अस्त्राजेनेका वैक्सीन (कोविशील्ड) की डोज दी और उसके चार हफ्ते बाद फाइजर की वैक्सीन दी। नतीजा ये हुआ कि मिक्स्ड डोज लेने वालों में साइड इफेक्ट्स ज्यादा नजर आए, मगर परेशानी जल्द ही दूर हो गई। ठंड लगना, बुखार आना, सिरदर्द और थकान जैसे साइड इफेक्ट्स देखने को मिले। यह रिसर्च 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों पर की गई थी।













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