देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने केन्द्र सरकार पर हमला करते हुए कहाकि सरकार देश को बेचने पर उतारू है। सरकार की मौद्रीकरण की नीति से जनता को कोई लाभ नहीं होने जा रहा है। सरकार देश को बेचने को मौद्रीकरण का नाम दे रही है।
नाम बदलने या बदल बदल कर नाम लेने से हकीकत नहीं बदल जाती है। मंगलवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय मथुरा पहुंचे। यहां कृष्णा नगर स्थित पूर्व विधायक प्रदीप मथुरा के आवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार जनता की गाढ़ी कमाई से बने सार्वजनिक उपक्रमों को एक एक कर बेच रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने इन्फ्रास्टक्चर बनाने पर कोई काम नहीं किया।
उन्होंने मोदी सरकार द्वारा लिये गये मौद्रीकरण को घाटे का सौदा बताया और कहा कि इसमें सरकार कम से कम 60 लाख करोड़ खर्च करेगी और इससे सरकार को मात्र डेढ लाख करोड़ रुपये ही किराया मिलेगा। मौद्रीकरण से जो पैसा किराये से आएगा वह प्रधानमंत्री आवास (पीएम हाउस) बनाने में खर्च होगा या प्रधानमंत्री के लिए हवाई जहाज खरीदने में खर्च होगा। मौद्रीकरण से जनता को कोई लाभ मिलने वाला नहीं है।
इसका सीधा असर रोजगार पर पड़ेगा और बेरोजगारी बढेगी। सहाय ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दो करोड़ लोगों को हर साल नौकरी देने का वायदा किया था तथा उसके हिसाब से 14 करोड़ बेरोजगारों को नौकरी मिल जानी चाहिए थी पर प्रधानमंत्री अपने ही द्वारा किये गए वायदे को पूरा नही कर पाए और अब मौद्रीकरण के नाम पर उल्टे नौकरी छीन रहे हैं।
इसका सीधा असर यह भी होगा कि एससी, ओबीसी के रिजर्वेशन की गाइडलाइन ही ध्वस्त कर जाएगी। पूर्व केन्द्रीय मंत्री का मानना है कि इसका प्रतिकूल प्रभाव यह होगा कि महंगाई भी बढेगी और बेरोजगारी भी बढे।













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