देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। लाॅकडाउन का असर अब नजर आ रहा है। लाॅकडाउन के दौरान सरकारी राशन के सहारे पेट तो भर गया लेकिन बिजली के बिल सहित दूसरे कर्ज चुकाना संभव नहीं हुआ। अब ये कर्ज नासूर बन गये हैं। यहां तक कि रिक्शा चलाकर, मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पेट भर रहे लोगों के पास बिजली विभाग ने 80 हजार से लेकर एक लाख रूपये या इससे भी ज्यादा के बकाये के नोटिस भेज दिया हैं। इनके घरों की बिजली भी काट दी गई है।
कृष्णा नगर बिजली घर पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और एसडीओ का घेराव कर रोष व्यक्त किया। बताया जा रहा है कि फायर बिग्रेड के समीप मजदूर, रिक्शा चालकों के घरों की बिजली बकाया बिल होने के कारण काट दी गई है। इसे लेकर रोष व्यक्त किया गया है। शुक्रवार दोपहर को भारतीय किसान यूनियन महिला मंडल अध्यक्ष मीरा ठाकुर के नेतृत्व में फायर बिग्रेड के पास गरीब मजदूर, रिक्शा चला कर अपना भरण पोषण करते हैं। पिछले एक साल से लॉक डाउन की मार झेल रहे हैं। वहीं इन पर हजारों रुपए का बिल बकाया होने पर विद्युत विभाग ने पिछले दिनों इनके घरों की बिजली काट दी। जिसकी वजह से पूरी रात लोगों को अंधेरे में गुजारना पड़ा। एसडीओ का घेराव कर रही दलित मजदूरों की महिलाओं ने बताया कि लॉक डाउन की मार झेल रहे हैं और लॉक डाउन के समय का ही करीब 80 हजार रुपए का बिल बकाया बताया जा रहा है। आर्थिक तंगी के कारण बिजली का बिल भरने में वह असमर्थ है। विभाग द्वारा बकाया बिल के कारण घरों की बिजली काटे जाने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।













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