BREAKING NEWS

दिल्ली : राहुल गांधी ने शुरू की ‘सत्याग्रह’ पहल, लोगों से मांगी अन्याय के खिलाफ संघर्ष की कहानी || दिल्ली : नशीले पदार्थों की तस्करी के सरगना नवप्रीत सिंह का प्रत्यर्पण, केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया- 'मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि' || पटना : बाढ़ प्रभावित इलाकों में वायुसेना का राहत अभियान, हेलीकॉप्टरों से 10 टन सामग्री पहुंचाई गई || जोधपुर : केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को जन्मदिन पर बधाईयों का तांता, पीएम मोदी समेत नेताओं ने दी शुभकामनाएं || उत्तर प्रदेश : हापुड़ में मुठभेड़ के बाद पांच अपराधी गिरफ्तार, पुलिस ने 55 लाख के सामान से भरे कैंटर लूट की घटना को सुलझाया

बिजली बचाने के लिए आज से पंजाब के दफ्तरों में कामकाज सुबह 7.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा

चंडीगढ़। गर्मी के मौसम के दौरान बिजली बचाने की पहल के तहत पंजाब भर के सरकारी दफ्तरों में मंगलवार से नया टाइमटेबल लागू हुआ। सुबह 7.30 बजे कामकाज शुरू हुआ जो दोपहर 2 बजे तक चलेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान समय से दो मिनट पहले दफ्तर पहुंचे। कार्यालय का नया समय 15 जुलाई तक लागू रहेगा। राज्य और चंडीगढ़ में स्थित सभी सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव किया गया है।

मान ने कार्यालय पहुंचने पर मीडिया को बताया कि इस पहल से प्रतिदिन औसतन 350 मेगावाट बिजली की बचत होगी, क्योंकि सरकारी कार्यालयों में बड़ी मात्रा में खपत होती है। उन्होंने कहा, 'अगर कार्यालय के समय में बदलाव का यह प्रयोग सफल होता है और कर्मचारी से अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है तो इसे बढ़ाया जा सकता है।'

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई टाइमिंग से लगभग 40 करोड़ रुपये की बचत होगी और बिजली की कमी के कारण वाणिज्यिक, आवासीय और ग्रामीण क्षेत्रों में इस सीजन में बिजली कटौती नहीं होगी। दोपहर 1 बजे के बाद से पीक बिजली लोड शुरू हो जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समय में बदलाव से अधिकांश शहरों और कस्बों में व्यस्ततम कार्यालय समय के दौरान यातायात का भार भी कम होगा।

अमन अरोड़ा, हरपाल चीमा, ब्रह्म शंकर, हरभजन सिंह और कुलदीप सिंह धालीवाल सहित अधिकांश अन्य मंत्री नए समय के अनुसार कार्यालय पहुंचे।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि फील्ड कार्यालयों, सिविल सचिवालय और अन्य प्रधान कार्यालयों सहित सभी कार्यालयों के लिए नया समय समान रूप से लागू किया जाएगा।

सरकार के अनुसार, सुबह-सुबह कार्यालय खुलने से अत्यधिक गर्मी के दौरान बिजली की खपत में काफी कमी आने की उम्मीद है, जब बिजली की मांग सबसे अधिक होती है।(


साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More