देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। अब अगर पशुओं को शहर की सडकों पर आवारा छोडा तो नगर निगम पशुओं को जब्त कर लेगा। पशु स्वामी पर पहली बार दोषी पाये जाने पर दो सौ रूपये और दोबारा दोषी पाये जाने पर पांच सौ रूपये जर्माना लगाया जाएगा। अगर पशुपालक इसके बाद भी नहीं सुधरता है तो अशुओं को नगर निगम जब्त कर लेगा। शहर के अंदर अभी भी बडी संख्या में पशुपालन हो रहा है। शहार की पुरानी बसावट और मिजाज के चलते महानगर बनने के बाद भी शहर के अंदर के गांव अभी भी जिंदा हैं। जबकि नगर निगम यह मानकर चल रहा है कि मथुरा वृंदावन अब महानगर बन चुका है और लोगों की जीवन शैली भी महानगरवासियों जैसी होगी लेकिन मुगालता मथुरा को ठीक से नहीं जानने वाले ही पाल सकते हैं। मथुरा आज भी अपनी जडों और पुरानी आवोहवा को समेटे है। सहायक नगर आयुक्ता ने बाकायदा इस तरह के इस्तहार भी शहर में लगवा दिये हैं। मथुरा में सदर, भैंस बहोरा क्षेत्र में बडी संख्या में पशुपालन होता है। वहीं शहर की बाहरी कालोनियों में हर घर में पशुपालन हो रहा है। हालांकि यह इस तरह का पहला प्रयास नहीं है इससे पहले भी आवारा पशुओं को शहर में खुला छोडने पर जुर्माने की बात हुई थी लेकिन यह बात आगे नहीं बढी थी।













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