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त्रिदिवसीय सम्मेलन में 100 से अधिक लोग सम्मानित

मथुरा। नाथद्वारा में स्थापित 1937 में साहित्यमण्डल की स्थापना स्व. श्री भगवती प्रसाद देवपुरा द्वारा की गई। इस संस्था के अन्तर्गत हिन्दी को बढ़ावा देने और हिन्दी के क्षेत्र में काम करने वाले साहित्यकार, पत्रकार, कवि, लेखकों आदि को 14 सितम्बर को त्रि-दिवसीय समा-रोह में सम्मानित कर हिन्दी का ही नहीं देश के हिन्दी क्षेत्र में काम करने वाले सभी राज्यों के हिन्दी प्रेमियों को सम्मा-नित किया जाता है।


उपर्युक्त कार्यक्रमों के अन्तर्गत मथुरा जनपद से चार दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवा करने वाले सम्पादक विनोद चूड़ामणि एड. को पत्रकार प्रवर की मानद उपाधि देकर सम्मानित किया गया। 2009 में साहित्य मण्डल संस्थान द्वारा इन्हें सम्पादक शिरोमणि की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था।


हिन्दी दिवस पर आयोजित समारोह का उद्घाटन गणेश वन्दना और सरस्वती वन्दना के साथ राष्ट्रगान से किया गया। संकीर्तन सुधारस पं. चन्द्रप्रकाश एवं साथी कलाकारों द्वारा किया गया । इस सत्र में हिन्दी उपनिषद एक, हुंकार दो, हिन्दी प्रचारक सम्मान, डॉ. दाऊदयाल स्मृति सम्मान 21, हिन्दी भाषा भूषण, हिन्दी काव्य शिरोमणि आदि सम्मानों से देश के विभिन्न राज्यों से आए दर्जनों ख्याति प्राप्त हिन्दी प्रेमी सरस्वती पुत्रों और ज्ञानी जनों को सम्मानित किया जाता है।


दूसरे दिन हिन्दी उपनिषद दो, हिन्दी भाषा अमर रहे, हिन्दी काव्यभूषण, हिन्दी उपनिषद तीन, सम्पादक रत्न, हिन्दी भाषा शिरोमणि, पत्रकार प्रवर आदि की मानद उपाधियों से दर्जनों हिन्दी क्षेत्र में कार्य करने वाले सरस्वती पुत्रों को सम्मा-नित किया गया। इसी क्रम में तीसरे दिन हिन्दी उपनिषद चार-पांच के अलावा हिन्दी साहित्यभूषण, मोतीलाल राठी स्मृति सम्मान आदि की मानद उपाधियों से देश के कौने-कौने से आये हिन्दी प्रेमियों को सम्मानित किया गया।


 शिक्षा के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक की सेवाएं देकर गत वर्ष सेवा निवृत्त हुए पं. ओमप्रकाश सारस्वत नगला तेजा (सिहोरा) को हिन्दी साहित्य भूषण की मानध उपाधि से सम्मानित किया गया । इन को यह उपाधि उनके द्वारा रचित पुस्तक जीवन के निराले स्वर और शिक्षा क्षेत्र में हिन्दी के लिए की गई सेवाओं के लिए दिया गया है । वह गतवर्ष राजस्थान में तीन दशक से अधिक समय तक कार्य करने के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं।

साहित्य मण्डल के प्रधानमंत्री श्याम प्रसाद देवपुरा उनके सहयोगी विट्ठल भाई और अन्य देश के कौने-कौने से आये हिन्दी प्रेमियों ने इन लोगों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी यह संस्था हिन्दी लाओ देश बचाओ आन्दोलन के तहत इसी तरह कार्य कर हिन्दी प्रेमियों को सम्मानित करेगी ।


श्री सुधाकर शास्त्री श्रीनाथ मन्दिर के मण्डल प्रभारी व साहित्य मण्डल के संरक्षक के सहयोग और समारोह में शामिल होकर बाहर से आए लोगों का आभार व्यक्त कर और धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में पधारे सभी हिन्दी प्रेमियों ने साहित्य मण्डल की सभी प्रकार की व्यवस्था की भूरि-भूरि प्रशंसा कर प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया । इस अवसर पर हिन्दी प्रेमियों ने आर्थिक सहायता भी संस्था को देकर उत्साहवर्धन किया ।

 

नारद संवाद

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