देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन महिला एवं बाल विकास के नेतृत्व में तीन दिवसीय टीम जिला चिकित्सालय के तीन दिन के आडिट पर चिकित्सालय में डेरा डाले हुए है। टीम महिला सुरक्षा, चिकित्सा और संरक्षा संबंधी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। आडिट के दूसरे दिन शनिवार को जब तीन सदस्यीय टीम प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेष षासन महिला एवं बाल विकास
षुभ्रा सक्सेना के नेतृत्व में महिला जिला चिकित्सालय की ओपीडी में पहुंची तो बरामदा मरीजों और तीमारदारों से खचाखच भारा हुआ था। मरीज जमीन में बैठे हुए थे लेकिन मरीजों को देखने के लिए कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। जब टीम ने मौके पर मौजूद स्टाफ से ओपीडी खाली होने के बारे में पूछा तो टीम को बताया गया कि चिकित्सक एडी की मीटिंग में भाग लेने के लिए आगरा गये हुए हैं। सीएमएस भी अस्पताल में मौजूद नहीं थे, वह भी मीटिंग में थे। इस पर षुभ्रा सक्सेना ने सीएमएस से फोन पर बात की।
उन्होंने बताया कि कुछ दिक्कतों को छोडकर व्यस्थाओं से वह संतुष्ट हैं। तीन दिन तक टीम आडिट करेगी, इसके बाद सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। टीम अस्पताल में महिला सुरक्षा, चिकित्सा और संरक्षा संबंधित बिंदुओं पर काम कर रही है। टीम में एक पुलिस अधिकारी और एक प्रशासनिक अधिकरी शामिल हैं। टीम ने महिला जिला चिकित्सालय में मरीजों और उनके तीमारदारों से बात की। दवाओं, पैथोलाजी जांच आदि के बारे में पूछताछ की। उन्होंने बताया कि भोजन और दवाओं की स्थिति ठीक मिली है। षुभ्रा सक्सेना से जब यह पूछा गया कि चिकित्सकों की अनउपलब्धता की वजह सरकारी चिकित्सकों की प्राइवेट प्रक्टिस भी है। खुद सीएमएस का अपना निजी अस्पताल है तो उन्होंने कहाकि इसके बारे में जिला अधिकारी से शिकायत की जा सकती है। 33 साल पुरानी एक्सरे मशीन है जिससे सही एक्सरे रिपोर्ट भी नहीं आती है इस पर भी उन्होंने टालमटोल वाला जबाव दे दिया।













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