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जनपद के लिए तय किए गए लक्ष्य को कम कराने को लिखा पत्र

मथुरा। केन्द्र सरकार की बहुप्रचारित और महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना के पात्रों तक पहुंचने में जिम्मेदार हांफ रहे हैं। अब जनपद के लिए आयुष्मान कार्ड बनाने के लक्ष्य को कम करने की गुहार लगाई है। सात लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के लक्ष्य के सापेक्ष करीब चार साल में मथुरा जनपद में मात्र एक लाख 62 हजार कार्ड ही बनाए जा सके हैं। आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डा.अनुज कुमार ने बताया कि आयुष्मान योजना में जनपद को सात लाख रूपये का लक्ष्य मिला 23 सितम्बर 2018 में योजना लागू हुई थी। 2018 से अब तक एक लाख 62 हजार के करीब आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस योजना के तहत प्रत्येक वर्ष पांच लाख रूपये का एडमिट होने इलाज मुफ्त है। छोटी से लेकर बड़ी तक हर बीमारी को इसमें कवर किया गया है। जनपद के सरकारी और गैर सरकारी 43 अस्पतालों को अब तक इस योजना से संबद्ध किया जा चुका है जिनमें आयुष्मान कार्ड धारक अपना पांच लाख तक का इलाज मुफ्त करा सकते हैं। 2011 के आर्थिक सर्वे के आंकड़ों के आधार पर योजना के लाभार्थियों का चयन किया गया था। इसके तहत अंत्योदय कार्ड धारक, असंगठित क्षेत्र के मजदूर, आशाओं के लिए, उज्ज्वला योजना, दीनदयाल उपाध्याय योजना के के लाभार्थियों को भी इस योजना में रखा गया है।  
 
25 प्रतिशत लक्ष्य भी हासिल नहीं हुआ
23 सितम्बर 2018 को केन्द्र सरकार ने आयुष्मान योजना को लागू किया था। 2022 के जून महीने तक भरकस प्रयास के बावजूद मथुरा जनपद में तय लक्ष्य का 25 प्रतिशत काम भी जिला प्रशासन पूरा नहीं कर सका है। यह स्थिति तब है जब आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए हर घर दस्तक और विशेष अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।    

यह किया गया है तामझाम
700 वीएलई जन सुविधा केन्द्रों पर बैठे हुए हैं। वीसीपीएम, एएनएम और आशा के माध्यम से घर घर जा कर लाभार्थी तलाशे जा रहे हैं और उनके कार्ड बनाए जा रहे हैं। बीच बीच में विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाए जाते हैं। पांच मई से 18 मई तक विभाग ने विशेष अभियान चलाया जिसके तहत 22 हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए।

यह है आयुष्मान कार्ड की स्थिति
-अंत्योदय में 41436 परिवार हैं, इनमें से 21785 के कार्ड बने हैं
-असंगठित क्षेत्र में 16 हजार 218 परिवार हैं इनमें से 3441 के कार्ड बने हैं
-उज्ज्वला योजना में शहरी क्षेत्र के किसी लाभार्थी का कार्ड नहीं बना है।
-ग्रामीण क्षेत्रों में उज्ज्वला योजना के पात्र हैं 17867 सम्मिलित है, कार्ड कितने के बने विभाग को भी नहीं पता

सभी लाभार्थी से अपील है कि सभी नजदीकी जनसुविधा केन्द्र पर जाकर आयुष्मान कार्ड बनवाएं, जिसमें एडमिट होने की स्थिति में समस्त बीमारियों का इलाज मुफ्त होगा। अंत्योदय कार्ड धारक उदासीनता दिखा रहे हैं।
-डा.अनुज कुमार, नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत योजना

 

नारद संवाद

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