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MATHURA : सैफ्टी टैंक की जहरीली गैस की चपेट में आकर दो की मौत, एक गंभीर

मथुरा। सफाईकर्मियों के साथ लगातार हादसे हो रहा हैं। दुखद यह है कि इसकी वजह मानव जनित हैं। सीवर लाइन की जहरीली गैस की चपेट में आकर मौत के मामले मथुरा में पहले भी हो चुके हैं। इस बार सैफ्टी टैंक में जहरीली गैस की चपेट में आकर दो युवकों की मौत हो गई जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है। इस बार भी सैफ्टी मनाकों की अनदेखी सफाईकर्मियों पर भारी पडी है। 
बुधवार को कोसीकला के गोपाल बाग की लक्ष्मीनगर कालोनी में करीब दोपहर के एक बजे गंभीर हादसा हो गया। गोपाल बाग निवासी षिक्षा विभाग में कार्यरत लिपिक सुरेश चंद भाटिया के घर के सेफ्टी टैंक की सफाई का ठेका लिया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले टैंक में दीपक उतरा। जो कि टैंक में पहुंचते ही बेहोश हो गया। टैंक में बेहोश दीपक को बचाने के लिए वहां खड़ा विष्णु उतरा तो वह भी बेहोश होकर टैंक में ही रह गया। जब दोनों लोग टैंक से बाहर नहीं आए तो हरिओम रस्सी बांधकर उन्हें बचाने के लिए टैंक में उतर गया। लेकिन वह भी वहां पहुंचते ही बेहोश हो गया। 
यह देखकर लोगों ने रस्सी से उसे बाहर खींच लिया। जिसके बाद लोगों ने पुलिस को मामले की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी से सेप्टिक टैंक तुड़वाया और मजदूरों को बाहर निकाला। तीनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। गोपाल बाग चैकी प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि घटना में विष्णु 25 वर्ष पुत्र मदन उम्र 25 निवासी वाटर वर्क्स कोसीकलां एवं दीपक 26 पुत्र मंगल उम्र 26 वर्ष निवासी वाल्मीकि बस्ती को मृत घोषित कर दिया। जबकि हरिओम पुत्र सुरेश उम्र 26 वर्ष निवासी रामनगर कोसीकलां को प्राथमिक उपचार देने के बाद मथुरा रेफर कर दिया। प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार का कहना है कि मृतकों के परिजनों की तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
गनीमत यह रही कि हरिओम में रस्सी को अपने शरीर से बांध लिया था। वह भी जैसे ही टैंक में पहुंचा बेहोश हो गया। ऊपर खड़े लोगों को घटना का आभास हो गया और उन्होंने फौरन समय रहते ही हरिओम को ऊपर खींच लिया। जिससे उसकी जान बच गई। 

 

नारद संवाद

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