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MATHURA : फीस वसूली की जिद

मथुरा। देश संकट में हो, या महामारी फैली हो जिसे मुनाफा वसूलना है वह तो वसूलेगा ही। कुछ लोग संकट की इस घडी में अपनी जमापूंजी से सीधे लोगों की मदद कर रहे हैं तो कुछ सरकार की। इस बीच जिन लोगों को मुनाफा वसूलना है वह मुनाफा वसूली में जुटे हैं। लाकडाउन के चलते विद्यालय बंद हैं।
अधिकांश विद्यालय संचालकों ने इस दौरान अपने स्टाफ को नो पेमंेट कर दिया है। लाकडाउन मई महीने के अंतिम चरण में घोषिति हुआ। हद तो तब हो गई जब तमाम विद्यालय संचालकों ने अपने स्टाफ को मई की पगार भी लाकडाउन के दौरान देने से साफ इनकार कर दिया। इनके सामने मजबूरी यह है लाकडाउन खुलने के बाद कैसे हालात होंगे, जाब मिलेगा या नहीं इस लिए वह किसी भी शर्त पर जहां जमे हैं जमे रहना चाहते हैं और हर ज्यादती सहने के बाद भी चुप हैं।
दूसरी ओर कोरोना वायरस से लॉकडाउन के चलते सभी बोर्ड के विद्यालय बंद होने से अब सरकार ने तीन माह की फीस स्थगित करने निर्देश जारी किए हैं। डीआईओएस ने भी सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से कहा है कि वह विद्यालय खुलने की दशा में छात्र-छात्राओं पर फीस जमा कराने के लिए दबाव न बनायें। स्थगित फीस को किश्तों में जमा कराया जाये। देशभर में कोरोना वायरस से लॉकडाउन चल रहा है। अभी इसके बढ़ने के पूरे-पूरे आसार हैं। ऐसे में विद्यालयों में अप्रैल माह से शुरू होने वाला शैक्षणिक सत्र आरंभ नहीं हो पाया है। ऐसे में नये प्रवेश लेने वाले बच्चों के लिए तो यह समय मुफीद साबित हो रहा है, लेकिन जो बच्चे कक्षाओं में प्रमोट होकर आये हैं। उनके लिए यह समय कष्टदायक है। उनकी पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है और फीस भी पूरी देनी पड़ेगी। संभावना है कि जून माह तक शिक्षण सत्र मुश्किल से ही प्रारंभ हो सकेगा। ऐसे में जब जुलाई में शिक्षण सत्र शुरू होगा तो विद्यालय संचालक व प्रधानाचार्य अप्रैल माह से फीस लगायेंगे। कुछ विद्यालय ऑनलाइन पढ़ाई कराने की बात कह रहे हैं, लेकिन यह पढ़ाई पर्याप्त नहीं है। ऐसे में सरकार ने कड़े कदम उठाये हैं। अभी से विद्यालय संचालकों एवं प्रधानाचार्यों को सर्तक कर दिया है कि विद्यालय खुलने के दौरान अभिभावकों पर फीस जमा कराने के लिए दबाव नहीं बनायें। सरकार का कहना है कि लॉकडाउन के चलते सभी लोग अपने उद्योग धंधे छोड़कर घर पर बैठे हैं। रोज कमाने वालों के सामने तो और भी बढ़ा आर्थिक संकट आ गया है। ऐसे में वह दो वक्त की रोटी खा लें यह काफी है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई रोकी नहीं जायेगी। बच्चों की तीन माह की फीस आगे किश्तों में ली जायेगी। डीआईओएस डॉ.राजेंद्र सिंह ने भी बोर्ड के विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं प्रबंधकों को सरकार के आदेश से अवगत करा दिया है। चेतावनी दी है कि शिकायत आने पर कार्रवाई की जायेगी।

 

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