देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreसौंख। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते डबल पेनकार्ड धारक शिक्षकांे की सूची में ऐसे भी शिक्षकों को नाम शमिल किया गया है, जिन्होंने अभी दूसरे पेनकार्ड के लिए आवेदन तक नही किया है। ना ही अपने सेवाकाल में विभाग को दूसरा पेनकार्ड बदलने के लिए अभी कोई सूचना तक नही दी है।
इसके बाबजूद भी विभागीय अधिकारियों की मनमानी तरीके से डबल पेनकार्ड धारक शिक्षको की सूची में नाम शामिल कर भेज दिया। इसे लेकर शिक्षक संगठनों ने रोष व्याप्त किया गया है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में डबल पेनकार्ड धारक शिक्षकों की सूची शामिल किये गये शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर से मिला और अपनी समस्या के समाधान को ज्ञापन सौंपा। विभागीय अधिकारियों की मनमानी के चलते डबल पेनकार्ड धारक शिक्षकों ंकी सूची में बिना डबल पेनकार्ड के शिक्षकों को नाम सूची में शामिल गया है। जिन्होनें अभी तक दूसरे पेनकार्ड के लिए आवेदन तक नही किया।
जो शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही को दर्शाता है। और शिक्षकों का वेतन माह जून से अग्रिम आदेश तक रेाक दिया गया है। साथ ही जांच प्रक्रिया लंबा करने के लिए जनपदीय स्तरीय जांच कमेटी न बना कर दो माह पूर्व खंड शिक्षाधिकारियों को ब्लाॅक बार जांच अधिकारी बनाया गया है। विगत 18 अगस्त को जनपद स्तरीय उप समिति का गठन किया गया है। लेकिन अभी तक जनपद स्तरीय जांच कमेटी ने अपनी जांच शासन को नही भेजी।ं
शासन से उच्चाधिकारियों के पत्रों का कोई जबाब नही दिया जा रहा है। ऐसें में शिक्षक समाज में रोष व्याप्त है और शिक्षक आमरण अनशन करने के लिए विवश होगें। प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिला सहसंयोजक डोरीलाल शर्मा ने बताया मेरा नाम डबल पेनकार्ड धारकों की सूची में गलत तरीके से डाला गया है। इसी सन्दर्भ में खंड शिक्षा अधिकारी गोवर्धन को अपना जबाब प्रस्तुत कर चुके है साथ ही एक प्रति जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मथुरा को भी सभी साक्ष्य उपलब्ध करा चके है।
20.8.20 को जनपद स्तरीय उपसमिति के समक्ष की अपने सभी साक्ष्य और अभिकथनो सहित उपस्थित हो चुके। किन्तु बेसिक शिक्षा अधकारी ने अभी तक सूची से उनका नाम नही निकाला है । अगर सूची से मेरा नाम नही निकाला गया तो मैं आमरण अनशन करुंगा।













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