देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। नगर निगम के प्रति पार्षदों की नाराजगी बढती जा रही है। चर्चित चप्पल कांड के बाद, वार्ड 20 की महिला पार्षद अधिकारियों का सहयोग नहीं मिलने का आरोप लगा कर अपना त्यागपत्र दे चुकी हैं। अब वार्ड 57 से पार्षद रामदास चतुर्वेदी ने नगर निगम अधिकारियों और मेयर पर सहयोग नहीं करने और उनकी बात को अनसुना करने का आरोप लगाया है। पूरे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण यह है कि ये सभी पार्षद भाजपा के हैं, सदर में बहुतम भाजपा के पास है और मेयर भी भाजपा से हैं। जबकि विपक्षी पार्षदों ने अभी तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है।
पार्षद रामदास चतुर्वेदी ने कहाकि वह स्थानीय लोगों का दबाव झेल रहे हैं। उन्हें प्रशासन का सहयोग नहीं मिल रहा है। अपने स्तर से वह क्षेत्र की समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास कर रहे हैं। वह प्रशासन से मांग करते हैं कि इसे गंभीरता से लें। इस क्षेत्र में स्थिति काफी गंभीर है। यहां मकान फट रहे हैं, मकान गिर रहे हैं लेकिन प्रशासन का सहयोग नहीं मिल रहा है। अधिकारियों को बताया है।
बैठकों में भी कई बार मुद्दा उठाया है। सदर में रखा है। कोई कुछ सुनने को तैयार नहीं है। यहां अगर कोई बडी घटना होती है तो इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। इस बीच महत्वपूर्ण बात यह रही कि पार्षद ने अपनी ही पार्टी के मयेर डा.मुकेश आर्यबंधु पर भी आरोप लगाये। उन्होंने कहाकि इस मामले में व्यवस्थित तरीके से कार्रवाही की जाये। मुझे स्थानीय लोगों से सूचित किया था इसके बाद में यहां आया।
अधिकारी मौके पर पहुंच कर स्थिति को देखें, उन्होंने कहाकि मेयर भी इस पर संज्ञान लें और क्षेत्रीय पार्षद का सहयोग करें। यहां कोई भी घटना हो सकती है।
वार्ड 57 के गताश्रम क्षेत्र में एक बहुमंजिला पुराना मकान भरभरा के गिर पडा।
स्थानीय लोगों से मिली सूचना के बाद पार्षद मौके पर पहुंचे, लोगों के आक्रोष को देखते हुए उन्होंने खुद को लोगों के साथ बताते हुए नगर निगम प्रशासन और मेयर को कठघरे में खडा कर दिया। इस क्षेत्र में मकानों में दरार आने और फटने की समस्या लम्बे समय से बनी हुई है।
गताश्रम क्षेत्र में भरभरा के गिरा बहुमंजिला मकान
मथुरा वृंदावन नगर निगम के शहरी क्षेत्र के वार्ड नम्बर 57 के गताश्रम क्षेत्र में एक पुराना बहुमंजिला मकान भरभरा के गिर पडा। हालांकि इस दौरान कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ लेकिन स्थानीय लोगों में दहशत हो गई। वंशीधर चतुर्वेदी, पंकज चतुर्वेदी आदि ने इस की सूचना स्थानीय पार्षद को दी। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मकान आपसी विवाद के चलते लम्बे समय से बंद पडा है।
मकान काफी पुराना था, देखभाल नहीं होने से जर्जर हो गया। मकान अचानक भरभरा के गिर पडा और मलबे से गली बंद हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह हरीशचंद्र अग्रवाल आदि की संपत्ति है। जिस पर आपसी विवाद बताया जा रहा है।













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