देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रान्तीय आव्हान पर बुधवार को लगातार नवें दिन भी आन्दोलन को जारी रखते हुए लेखपाल अपनी मांगों पर अडे रहे। जिलाध्यक्ष चै. वीरेंद्र सिंह, जिलामंत्री भगवान सहाय तथा वरिष्ठ लेखपाल चांद सैयद, बेचेन सिंह, नितिन चतुर्वेदी, चरन सिंह, राहुल गुप्ता आदि ने धरने को संबोधित करते हुए कहाकि सरकार के द्वारा बार-बार झूठे आश्वासन दिये जा रहे हैं। इसी के चलते यह आन्दोलन सामान्य आन्दोलन नहीं है। सरकार ने आंदोलन को कुचलने के लिए अब अलग हथकंडे अपनाने शुरू कर दिये हैं। सरकार चाहती है कि लोकतंत्र में हमें अपनी बात रखने से भी रोक दिया जाये। सरकार हमारी आवाज दबाना चाहती है। लेखपालों पर अब दंडात्मक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। जबकि अभी तक हमारी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया जा रहा है।
दूसरी बार किया गया निलंबित
भाजपा सरकार में लेखपालों को दूसरी बार निलंबित किया गया है। पहली बार जून 2018 में निलंबित किया गया था। हड़ताल खत्म होने के बाद प्रदेश सरकार ने लेखपालों को बहाल कर दिया था।
लेखपालों की प्रमुख मांगें
-वेतन विसंगति को दूर करना
-लेखपालों का नायब तहसीलदार पद पर प्रमोशन
-रिक्त पदों पर भर्तियां
-भत्ते में बढ़ोत्तरी
दो.तीन दिन में सामूहिक गिरफ्तारी देंगे लेखपाल
आगामी दो से तीन दिनों के भीतर लेखपाल सामूहिक गिरफ्तारी देंगे। लेखपालों का कहना है कि हड़ताल जारी रहेगी। बुधवार को शाम तक रणनीति तैयार होगी। इसमें अन्य कर्मचारी संगठनों का भी सहयोग लेने पर विचार किया जा सकता है।













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