देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। जला प्रशासन ने इस समय अभियान वसूली छेडा हुआ है। जिन बकायेदारों की आरसी जारी हो चुकी हैं उनसे सख्ती के साथ वूसली की जा रही है। आरसी जारी होने के बाद किसी भी विभाग की वसूली राजस्व विभाग के कर्मचारियों के जिम्मे आ जाती है। राजस्व विभाग में कर्मचारियों को टारगेट देकर वसूली कराई जा रही है। विभागीय कर्मचारी लगातार लोगों से संपर्क कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि जिला प्रशासन दिसम्बर महीने के अंत तक इस लक्ष्य को शतप्रतिशत पूरा कर लेना चाहता है। इस लिए बकायेदारों से सख्ती से वसूली की जा रही है।
जिन बकायेदारों की आरसी जारी हो चुकी है उनसे सख्ती से वसूली की जा रही है। जनपद में बडी संख्या में विभिन्न विभागों से बकायेदारों की आरसी जारी हो चुकी हैं। पिछले महीने हडताल और लगातार काम के बोझ के चलते इनसे सख्ती से वसूली नहीं हो पा रही थी। जिलाधिकारी ने अब सभी विभागों को निर्देश दिये हैं कि वह अपने विभाग से जारी आरसी वाले बकायेदारों की वसूली सुनिश्चित करें। केसीसी, बैंक लोन और विद्युत विभाग के बकायेदारों की संख्या सबसे ज्यादा है। सिर्फ विद्युत विभाग ने ही 12 सौ से ज्यादा उपभोक्ताओं की आरसी जारी की हुई है। इन उपभोक्ताओं पर विभाग का 11 करोड से अधिक का बकाया है। विद्युत विभाग ने बडे बकायेदारों पर नकेल कसना शुरू कर दिया था लेकिन पीएफ घोटाला सामने आने के बाद कर्मचारी और अधिकारी आंदोलनरत हो गये, जिससे वसूली अभियान को झटका लगा है। दूसरी ओर लेखलाप भी हडताल पर है और अपनी मांगों को लेकर बारबार आंदोलन कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने जनपद स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर सख्त निर्देश दिये हैं कि जिन बकायेदारों की आरसी जारी हो चुकी है उनसे सख्ती के साथ वूसली की जाये।
विद्युत विभाग में पचास हजार से अधिक के बकायेदार 12 सौ उपभोक्ताओं को विद्युत विभाग ने आरसी जारी की है। बकायेदारों की सूची में सरकारी विभाग से सबसे उपर हैं। मुख्य जिला चिकत्साधिकारी कार्यालय विद्युत विभाग का सबसे बडा बकायेदार है। सीएमओ कार्यालय पर 10 लाख रूपये का विद्युत बिल बकाया है। विद्युत विभाग का कहना है कि सीआरपीएफ भी जनपद के बडे बकायेदारों में शामिल है। डीएमएफओ कार्यालय पर भी 1.5 लाख रूपये बिजली विभाग का बकाया चल रहा है।
50 किसानों की जमीन नीलामी की तारीख तय की
वहीं सहकारी बैंक ने अपने 50 बकायेदारों की जमानत में रखी गिरवी की नीलामी तारीख जारी कर दी है। इसके नोटिस किसानों को पहले ही भेज जा चुके हैं। इससे किसानों में हडकंप मचा हुआ हैं। हालांकि इनमें से अधिकांश किसान दो से तीन लाख रूपये तक के ही बाकयेदार हैं। लेकिन इनकी आरसी जारी होने के बाद वसूली की प्रक्रिया के तहत यह किया जा रहा है।
किसान के खाते से बिना बताये ही बैंक पैसे को लोन में कर रहीं समायोजित
केसीसी लोन लेने वाले किसानों से भी बैंकों ने वसूली तेज कर दी है। केसीसी लोन धारक किसानों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। इतना ही नहीं अगर किसी किसान का बैंक में खाता है और उसमें किसान पैसे जाम कराता है या उसका कोई संबंधी किसान के खाते में पैसे डालता है तो बैंक किसान को बिना बताये ही अपने लोग में इस पैसे को समायोजित कर लेती हैं।













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