देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। कार्तिक मास की पूर्णिमा का दीप दान हो चुका है। अब हर अगली रात गुजरी हुई रात से सर्द होगी। कान्हा की नगरी में जहां करोडों रूपये सिर्फ गाय के नाम पर दान आता है। वहां अस्थाई गौशालाओं में आय खुले आसमान के नीचे सर्द रातें काटने को मजबूर हैं।
जिला प्रशासन भी समाजसेवी और दानदाताओं की राह ताक रहा है। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने कलेक्टेªट सभागार में गौसंरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित बैठक लेते हुए उद्योगपति एवं सामाजिक संस्थाओं से अनुरोध किया है कि वह अस्थाई गौशाला जहां पर टीनशैड नहीं है वहां अपना सहयोग प्रदान करके टीनशैड डलवा दें।
श्री मिश्र ने कहा कि गाय हिन्दू धर्म में पूज्यनीय है, जिसे हम माता का रूप मानते हैं। शरदऋतु को दृष्टिगत रखते हुए निराश्रित गौवंश की रक्षा के लिए उद्योगपति एवं सामाजिक संस्थायें दिल खोलकर दान करें। वह अपने पैसे को किसी को नगद न देकर जहां टीनशैड नहीं है वहां टीनशैडों का निर्माण करा दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा गायों के भरण पोषण के लिए तीस रूपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस माहपुण्य के कार्य में सभी के सहयोग की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि वह कृषि विभाग से समन्वय बनाकर निराश्रित गौवंश के लिए चारा उगवायें। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से कहा कि गौशालाओं में उपस्थित सभी गायों का रजिस्टर में अंकन आवश्यक रूप से करके उनकी जियो टैगिंग करना अनिवार्य है। उन्होंने स्थाई एवं अस्थाई गौशाला में उपस्थित सभी गौवंश का स्वास्थ्य परीक्षण निरंतर करने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रामनेवास, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. भूदेव सिंह, उप कृषि निदेशक धुरेन्द्र कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी प्रीतम सिंह सहित उद्योगपति, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधिगण आदि उपस्थित थे।













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