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दिल्ली : राहुल गांधी ने शुरू की ‘सत्याग्रह’ पहल, लोगों से मांगी अन्याय के खिलाफ संघर्ष की कहानी || दिल्ली : नशीले पदार्थों की तस्करी के सरगना नवप्रीत सिंह का प्रत्यर्पण, केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया- 'मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि' || पटना : बाढ़ प्रभावित इलाकों में वायुसेना का राहत अभियान, हेलीकॉप्टरों से 10 टन सामग्री पहुंचाई गई || जोधपुर : केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को जन्मदिन पर बधाईयों का तांता, पीएम मोदी समेत नेताओं ने दी शुभकामनाएं || उत्तर प्रदेश : हापुड़ में मुठभेड़ के बाद पांच अपराधी गिरफ्तार, पुलिस ने 55 लाख के सामान से भरे कैंटर लूट की घटना को सुलझाया

मुंबई। दक्षिण भारतीय अभिनेत्री नित्या मेनन (Nithya Menen) का कहना है कि अभिनेत्रियों को हमेशा सुंदरता की अवास्तविक अपेक्षा से निपटना पड़ता है जो कि गलत है और इस बॉडी शेमिंग पर रोक लगनी चाहिए। नित्या मल्टीस्टारर फिल्म मिशन मंगल से बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रही हैं।

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मुंबई। अभिनेत्री यामी गौतम (Yami Gautam) को इस बात को लेकर गर्व है कि उन्हें फिल्म उरी : द सर्जिकल स्ट्राइक का हिस्सा बनने का मौका मिला। यह फिल्म साल 2016 में उरी में हुए आतंकी हमले के बाद उसके जवाब में की गई कार्रवाई की कहानी बताती है। उन्होंने कहा, उरी से जुडक़र मुझे गर्व महसूस होता है। 

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मुंबई। स्टार जोड़ी रितेश और जेनेलिया देशमुख ने महाराष्ट्र के बाढ़ पीडि़तों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 25 लाख रुपए का योगदान दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दान के लिए दोनों को धन्यवाद दिया है। फडणवीस ने सोमवार को एक फोटो ट्वीट किया, जिसमें ये स्टार जोड़ी मंत्री को चेक देते हुए नजर आ रहे हैं।   

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मुंबई। अभिनेत्री श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor), जो आगामी एक्शन थ्रिलर फिल्म साहो (Saaho) में प्रमुख महिला का किरदार निभा रही हैं, उनका कहना है कि उनके सह-कलाकार प्रभास बहुत बड़े स्टार हैं, लेकिन उनके पास एक बहुत ही अच्छा दिल भी है।

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मुंबई। बॉलीवुड में अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाले दिग्गज कलाकार कादर खान (81) का 31 दिसंबर को कनाडा में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। इसके बाद से फिल्म इंडस्ट्री और फैंस में शोक की लहर है। कादर के साथ कई सुपरहिट फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता गोविंदा ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी है।   गोविंदा ने सोशल मीडिया पर उनके साथ फोटो पोस्ट कर लिखा, कादर खान जिस भी कलाकार के साथ काम करते थे, वे उसे सुपरस्टार बना देते थे। पूरा फिल्म उद्योग और मेरा परिवार उनके जाने से हुए नुकसान को शब्दों में बयां नहीं कर सकता। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि वे उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और उन्हें स्वर्ग में जगह मिले। 90 के दशक में गोविंदा और कादर की जोड़ी ने धूम मचा दी थी।   साजन चले ससुराल, हीरो नं.1, कूली नं.1, बनारसी बाबू, कुंवारा, बड़े मियां छोटे मियां, हसीना मान जाएगी, अंखियों से गोली मारे, दुल्हे राजा, जोरू का गुलाम सहित कई फिल्मों में इस जोड़ी का जादू चला। दोनों अंतिम बार दीवाना मैं दीवाना फिल्म में नजर आए थे। यह फिल्म 10 साल देरी से वर्ष 2013 में रिलीज हुई थी। कादर-गोविंदा को लेकर कई सुपरहिट फिल्म बनाने वाले निर्देशक डेविड धवन ने कहा कि मुझे फिलहाल बहुत बुरा लग रहा है। मुझे सुबह 5 बजे यह सूचना मिली। तब मैंने उनके बेटे से कनाडा में बात की। वे पिछले 10 साल से तड़प रहे थे। भारत से कनाडा गए और अब...मेरा उनके साथ लंबे समय से नाता था। वे मेरे करिअर में बहुत खास व्यक्ति थे। हम दोनों ने पहली बार बोल राधा बोल में साथ काम किया था। वे मेरे हीरो थे।     साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार कादर खान ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। उन्होंने साल के अंतिम दिन 31 दिसंबर को कनाडा के समयानुसार शाम 6 बजे अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से बीमार थे और उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था। हाल ही उनकी मौत से जुड़ी अफवाह भी सामने आई थी।   बेटे सरफराज खान ने कादर की मौत की पुष्टि की है। 11 दिसंबर 1937 को काबुल (अफगानिस्तान) में जन्मे कादर ने करीब 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। कादर ने पर्दे पर हर तरह के किरदार को साकार कर दिया। वे शुरुआत में खलनायक (विलेन) के रूप में नजर आते थे। बाद में उन्होंने कॉमेडी और चरित्र भूमिकाओं की ओर रुख किया।   वे हर तरह की अदाकारी से दर्शकों का दिल जीतने में सफल रहे। पिछले कुछ समय से तबीयत नासाज होने से उन्होंने अभिनय से दूरी बना ली थी। कादर सिर्फ एक्टर ही नहीं बल्कि बेहतरीन लेखक भी थे। उन्होंने 250 से ज्यादा फिल्मों में डायलॉग (संवाद) लिखे। एक्टर के रूप में उनकी पहली फिल्म 1973 में आई दाग थी। राजेश खन्ना इसमें लीड रोल में थे और यह फिल्म सुपरहिट रही। कादर ने अनाड़ी, बेनाम, सुहाग, मिस्टर नटवरलाल, अदालत, परवरिश, मुकद्दर का सिकंदर, नसीब, याराना, सनम तेरी कसम, हिम्मतवाला, सिक्का, हम, मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी, आंखें, बाप नंबरी बेटी दस नंबरी जैसी फिल्मों में काम किया।    कादर खान की गोविंदा के साथ जोड़ी खूब जमी। दोनों ने दरिया दिल, राजा बाबू, कुली नंबर 1, छोटे सरकार, आंखें, तेरी पायल मेरे गीत, आंटी नंबर 1, हीरो नंबर 1, राजाजी, नसीब, दीवाना मस्ताना, दूल्हे राजा, अखियों से गोली मारे, साजन चले ससुराल जैसी कई फिल्मों में धूम मचाई।      साभार-khaskhabar.com

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कोलकाता। दिग्गज फिल्म निर्माता मृणाल सेन का दक्षिण कोलकाता स्थित उनके आवास में रविवार सुबह उम्र संबंधी जटिलताओं के कारण निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे। उनके परिवार में सिर्फ एक बेटा कुणाल है। मृणाल लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने सुबह 10 बजे के आसपास भौवानीपुर स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।   पद्मभूषण और दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित--- मृणाल को अपनी कई फ़िल्मों के लिए 18 नेशनल अवार्ड्स मिले हैं। इनमें से कुछ अवार्ड्स बेस्ट फीचर फ़िल्म और कुछ बेस्ट डायरेक्शन और बेस्ट स्क्रीन प्ले के लिए भी थी। उन्हें 1981 में पद्मभूषण और 2005 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। मृणाल 1998 से 2000 तक राज्यसभा में मनोनीत सांसद भी रहे।   पहली फिल्म 'रातभोर'  1955 में मृणाल ने अपनी पहली फिल्म 'रातभोर' बनाई। उनकी अगली फिल्म 'नील आकाशेर नीचे' ने उन्हें पहचान दी। तीसरी फिल्म 'बाइशे श्रावण' ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर दिया।   महानायक ने जताया शोक .... बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने सोशल अकाउंट पर मृणाल सेन के निधन का शोक जताया है। अमिताभ ने यह लिखा है कि वो काफी क्रिएटिव माइंड के सिनेमाटोग्राफर थे। बता दें कि अमिताभ ने अपनी ज़िन्दगी का पहला Voice Over मृणाल सेन की फ़िल्म 'भुवन शोम' के लिए किया था।     मोदी ने जताया दुख : मृणाल के निधन पर नरेंद्र मोदी ने लिखा- "उनके निधन से दुखी हूं। देश उनका आभारी है क्योंकि मृणाल सेन ने कई यादगार फिल्में बनाईं। उनका काम कई पीढ़ियां याद रखेंगी।"    ममता बनर्जी ने जताया दुख--- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लिखा- उनके निधन की खबर से दुख हुआ। यह फिल्मजगत के लिए बड़ा नुकसान है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।      साभार-khaskhabar.com

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मुंबई। आगामी फिल्म ‘सिलेक्शन 375’ में एक वकील की भूमिका निभाने के लिए तैयार अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने अपने किरदार की तैयारी के लिए लॉ कॉलेजों में लॉ पढ़ाने वाले शिक्षकों से मुलाकात की।   अभिनेत्री ऋचा पहली बार किसी फिल्म में एक वकील की भूमिका में दिखेंगी।    इससे पहले, उन्होंने कानून की किताबें पढ़ी और न्यायिक प्रक्रिया की बारीकियों को समझने के लिए वकीलों के कुछ लॉ फर्मों का दौरा किया।   अपनी भूमिका की तैयारी के लिए ऋचा ने एक ओर कदम उठाया और उन्होंने मुंबई के लॉ कॉलेजों के लॉ प्रोफेसरों से मिलना शुरू कर दिया है।   फिल्म ‘सेक्शन 375’ वास्तविक जीवन की कुछ घटनाओं से संबंधित है। इसमें दिखाया जाएगा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून के महत्वपूर्ण खंड का कैसे दुरुपयोग किया जा सकता है। ऋचा ने बताया, ‘‘मैं यह देखना चाहती थी कि लोग मुकदमेबाजी में क्यों पड़ते हैं। इसलिए लॉ स्कूल जाना एक अच्छा विचार था और उनके साथ समय बिताना बहुत मददगार रहा। अनुसंधान काम आया और महत्वपूर्ण रहा।’’   साभार-khaskhabar.com

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मुंबई। मालदीव में परिवार के साथ छुट्टियों का लुत्फ उठा रहीं अभिनेत्री कृति सैनन ने पहली बार स्कूबा डाइविंग की। कृति ने कुछ तस्वीरों और वीडियो के साथ इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मेरा स्कूबा डाइविंग का पहला अनुभव और यह बेहतरीन रहा।  सुमेर वर्मा आपको मिस कर रहे हैं। मैं यह करने में सहज रही क्योंकि आपने इसमें मदद की। पानी के मेरे डर से छुटकारा दिलाने में आपने मदद की।" कृति ने आगे लिखा, "मैं अगली बार निश्चित तौर पर आपके साथ स्कूबा डाइविग करूंगी।"   साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के साथ पहलाज निहलानी की तनातनी खत्म हो गई है। उनकी फिल्म ‘रंगीला राजा’ को फिल्म प्रमाणन अपीलीय न्यायाधिकरण (एफसीएटी) ने तीन दृश्यों में कांटछांट के साथ हरी झंडी दिखा दी है। इससे पहले जांच समिति ने 20 दृश्यों की कांटछांट करने के आदेश दिए थे। लेकिन पूर्व सीबीएफसी प्रमुख निहलानी के अनुसार, यह कांटछांट भी न्यायसंगत नहीं है। निहलानी ने कहा, ‘‘मेरे द्वारा रामायण और महाभारत से नाम इस्तेमाल करने पर उन्हें आपत्ति है। क्या वे यह सोचते हैं कि इन धर्मशास्त्रों पर उनका स्वामित्व है? पवित्र ग्रंथ हम सबके लिए हैं और हम जानते हैं कि कैसे उनका सम्मान करना चाहिए।’’ फिल्मकार ने कहा, ‘‘उन लोगों ने यह भी महसूस किया कि फिल्म में मैंने महिलाओं का अपमान किया है। बतौर फिल्मकार अपने 40 साल के करियर में मैंने ऐसा कभी नहीं किया है। हमारे परिवार में महिलाएं सब कुछ संभालती हैं।’’ उनका मानना है कि सीबीएफसी ने उनसे बदला लेने के लिए यह सब किया है। निहलानी ने कहा, ‘‘चूंकि, मैं सीबीएफसी चेयरमैन था और अब मैं नहीं हूं, तो उन लोगों ने मुझे सबक सिखाने का फैसला किया। 20 दृश्यों में कांटछांट करने का उनका आदेश पूरी तरह से अवांझित, अन्यायपूर्ण और अनुचित था।’’ उन्होंने सेंसर बोर्ड के मौजूदा प्रमुख प्रसून जोशी का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘अगर मैं सीबीएफसी अध्यक्ष होता तो अपनी फिल्म में एक जगह भी कांटछांट करने का आदेश नहीं देता। लेकिन, फिर मैं यह भी नहीं जानता कि मेरे उत्तराधिकारी कहां हैं? सीबीएफसी के शिकंजे से अपनी फिल्म को छुड़ाने के दौरान मैं उनसे कभी नहीं मिला।’’     साभार-khaskhabar.com

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दो दिन पहले, धर्मेंद्र जुहू स्थित अपने बंगले में थे और यह जानते हुए कि आठ दिसंबर को उनका 83वां जन्मदिन है, मैंने उनसे पूछा कि क्या उनका कोई ऐसा सपना है, जो अधूरा है। धर्मेंद्र इन दिनों अपना अधिकांश समय लोनावाला में अपने फार्म में बिताते हैं, जहां वह उर्दू में कविताएं लिखने में व्यस्त हैं।   वह अत्यंत भावुक हो गए और उन्होंने कहा, ‘‘भगवान पंजाब के सानीवाल के रहने वाले इस गरीब के प्रति बड़ा दयालु रहे हैं, जो एक अभिनेता का सपना संजोए बम्बई आया था और वह भी यूसुफ साहब की मात्र एक फिल्म देखने के बाद। मुझे संघर्ष करना पड़ा और यहां तक कि कई बार मुझे भूखा भी रहना पड़ा था। मैं वापस पंजाब भी नहीं जा सकता था, मुझे यहां कोई छोटी भूमिका भी नहीं मिल रही थी। अर्जुन हिंगोरानी, मोहन कुमार, ऋषिकेश मुखर्जी, बिमल रॉय और ओ.पी. रल्हन जैसे महान फिल्मनिर्माताओं का धन्यवाद है, जिन्होंने मुझे इस तरह के किरदार दिए कि आज जो मैं हूं, वह बन पाया।’’   उन्होंने अभी भी मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया था और मुझे विभिन्न तरीकों से उन्हें यह याद दिलाना पड़ा। आखिरकार उन्होंने जवाब दिया और कहा कि उनका एक ही सपना था कि किसी फिल्म में दिलीप कुमार के साथ काम करना। कई बार ऐसा लगा कि उनका यह सपना साकार होने वाला है, लेकिन तभी रास्ते में कोई न कोई रोड़ा आ गया और उनका दिलीप साहब के साथ काम करने का सपना अभी तक पूरा नहीं हो पाया। दिलीप कुमार ने उन्हें प्रभावित किया था और जब वह पहली बार उनसे मिले थे तो उन्हें परिवार का हिस्सा समझकर उनके साथ बर्ताव किया था। लेकिन धर्मेंद्र उनके साथ काम करने का अवसर पाने के लिए हमेशा ही इंतजार करते रहे।1980 के दशक की बात है, जब उनका सपना पूरा होते होते रह गया। बी.आर. चोपड़ा ‘चाणक्य चंद्रगुप्त’ नामक एक फिल्म की योजना बना रहे थे और उन्होंने दिलीप कुमार को चाणक्य व धर्मेंद्र को चंद्रगुप्त के रूप में फिल्म में कास्ट कर लिया। फिल्म जगत चोपड़ा की घोषणा और फिल्म बनाने के उनके जुनून को लेकर बहुत उत्साहित था, क्योंकि निर्माता ने उस वक्त एक लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए थे और हॉलीवुड के प्रशिक्षित मेकअप आर्टिस्ट सरोश मोदी को गंजा टोपी डिजाइन करने के लिए लंदन भेजा था, जिसे दिलीप कुमार पूरी फिल्म में पहनने वाले थे। धर्मेंद्र उस वक्त दोगुना उत्साहित थे, जब चोपड़ा व उनकी टीम के लेखक कहानी को लेकर उनके पास चर्चा के लिए पहुंचे थे। सब कुछ तय हो चुका था और फिल्म की शुरुआत होने ही वाली थी और निर्माता को अचानक वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा और उनकी यादगार फिल्म बनने का वह सपना वहीं टूट गया। इससे कहीं ज्यादा यह धर्मेंद्र के लिए सपना सच होने जैसी बात होती, जो अभी भी उस सुनहरे अवसर के हाथ से निकल जाने पर अफसोस जताते हैं।ऐसे कई मौके आए जब धर्मेंद्र को लगा कि वह अपने पसंदीदा अभिनेता के साथ नजर आ सकते थे। एक मौका उस वक्त आया, जब दक्षिण में कोई निर्माता दिलीप कुमार और उस वक्त के एक और बड़े नायक के साथ ‘आदमी’ फिल्म बनाने की योजना बना रहा था, लेकिन अंत में वह भूमिका दिलीप कुमार के एक और बड़े प्रशंसक मनोज कुमार को दे दी गई। धर्मेंद्र को मनोज से हारने पर कोई फर्क नहीं पड़ता था, क्योंकि वह उनके बहुत अच्छे दोस्त थे और मनोज ने ही उन्हें वापस जाने से रोका था, जब धर्मेंद्र को यहां कोई काम नहीं मिल रहा था।   धर्मेंद्र को अपने सपने के करीब पहुंचने के मौके के लिए और कई वर्षों तक इंतजार करना पड़ा। आखिरी बार वह बड़ा मौका तब आया, जब दिलीप कुमार ने खुद अपनी पहली फिल्म ‘कलिंग’ निर्देशित करने का फैसला किया। फिल्म में भूमिका पाने के लिए धर्मेंद्र ने जमीन-आसमान एक कर दिया, लेकिन दिलीप कुमार को उन्हें समझाने में कई दिन लगे कि कहानी में उनके लिए कोई भूमिका नहीं थी, क्योंकि कहानी में धर्मेंद्र को उनके (दिलीप) सबसे बड़े बेटे का किरदार निभाना था, जो उनके अनुकूल नहीं था। धर्मेंद्र को किसी भी तरह अपने पसंदीदा अभिनेता द्वारा निर्देशित पहली फिल्म के साथ जुडऩा था और उन्होंने दिलीप कुमार से फिल्म में उनके बेटे के रूप में अपने बेटे सनी देओल को कास्ट करने के लिए कहा, जिसके लिए दिलीप कुमार सहमत हो गए। लेकिन सनी, जो उस वक्त रोमांटिक और एक्शन हीरो थे, उन्होंने वह भूमिका निभाने से इनकार कर दिया, क्योंकि उसमें नकारात्मक छवि दिखाई जा रही थी और उसके बाद उस भूमिका के लिए एक नए अभिनेता को लेना पड़ा।धर्मेंद्र ने कभी भी दिलीप कुमार द्वारा की जा रही किसी भी फिल्म का हिस्सा बनने की कोशिश करना बंद नहीं किया और तो और वह जानते थे कि उन्हें जो भूमिका मिलेगी, वह उसके लायक नहीं होंगे फिर भी वह उस फिल्म में काम करना चाहते थे। वह अपनी आंखों में दूसरा दिलीप कुमार बनने का सपना लेकर बम्बई (अब मुंबई) आए थे, लेकिन उनका सपना अभी भी पूरा नहीं हुआ था।   और जब उन्हें मालूम हुआ कि दिलीप कुमार बहुत बीमार हैं और फिर कभी दोबारा काम नहीं कर पाएंगे, तो उन्होंने कई दिन अवसाद में बिताए और तो और फिल्मों से दूरी बनाने के बारे में भी सोचा।    कुछ वक्त पहले जब धर्मेंद्र को पता चला कि दिलीप साहब अब बहुत बीमार हो गए हैं, उन्हें किसी का नाम तक याद नहीं है और अपने बहुत अच्छे दोस्तों को भी नहीं पहचान सकते, तक धर्मेंद्र रो दिए और उन्होंने कहा, ‘‘ऊपर वाला इतना बेरहम क्यों होता है कभी-कभी?.’’ उन्होंने अब बहुत लोगों की तरह दिलीप साहब के घर जाना छोड़ दिया है, क्योंकि उन्हें लगता है कि जब वह उन्हें पहचानेंगे ही नहीं तो उनसे मिलने का कोई मतलब नहीं रह जाता है।          साभार-khaskhabar.com

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मुंबई। चार वर्ष बाद अभिनेता-पति रितेश देशमुख के साथ आगामी मराठी फिल्म ‘मौली’ में काम कर रहीं अभिनेत्री जेनेलिया देशमुख ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इतने वर्षों बाद उन्हें कैमरे का सामना करना पड़ेगा। जेनेलिया ने रितेश के साथ होली के विशेष गीत ‘सुर्फ लावुन धुवुन ताक’ में ठुमके भी लगाए हैं, जिसे रविवार को जारी किया गया। पर्दे पर वापसी और रितेश के साथ चार वर्र्षों के लंबे अंतराल बाद काम करने के बारे में पूछे जाने पर जेनेलिया ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘‘हे भगवान पर्दे पर काम किए चार वर्ष बीत चुके हैं। महसूस नहीं हुआ। रितेश का शुक्रिया कि ‘धुवुन ताक’ के लिए भरोसा किया, यह सचमुच विस्फोट है।’’ जेनेलिया ने चार साल पहले रितेश की पहली मराठी फिल्म ‘लाइ भारी’ के लिए भी एक गीत किया था। आदित्य सरपोतदार द्वारा निर्देशित ‘मौली’ 14 दिसंबर को रिलीज होगी। वहीं रितेश ने कहा, ‘‘मैं जेनेलिया के साथ काम का मौका नहीं छोड़ सकता। मैंने इस गीत के लिए उन्हें मजबूर किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘चार वर्ष बाद उनके साथ काम करना और अजय-अतुल की धुन पर थिरकना शानदार है। उम्मीद है दर्शक इसका उतना ही आनंद लेंगे, जितना हमने लिया।’’   साभार-khaskhabar.com

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