देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। ईंटों की कीमतों मंे उछाल आ सकता है। जनपद मंे संचालित सभी ईंट भट्टे 16 दिसम्बर तक बंद रहेंगे। एनजीटी के दायरे में आने के बाद मथुरा के सिर्फ अलीगढ बार्डर से लगे नौहझील बाजना क्षेत्र में ही ईंट भट्टों का सं चालन हो रहा है।
इससे जनपद में आगरा की ओर जितना बढते हैं, मकान बनाना उतना ही महंगा होता जाता है। ईंटों की ढुलाई की लागत लगातार बढती जाती है। इस लागत में आगामी दिनों में और इजाफा हो सकता है।
जनपद के 227 ईंट-भट्ठो का संचालन 16 दिसंबर तक नहीं हो सकेगा। एनजीटी ने ईंट-भट्ठों से होने वाले प्रदूषण को लेकर मांगी जांच रिपोर्ट को नकार दिया है और फिर से नई जांच समिति बनाकर ईंट भट्ठा संबंधी रिपोर्ट मांगी है। समिति को तीन माह का समय दिया गया है। न्यायालय की ओर से आगामी 16 दिसंबर को नई रिपोर्ट के आधार पर निर्णय दिया जाएगा।
जनपद में छाता और मांट क्षेत्र में करीब 227 ईंट भट्ठे हैं। मुकेश कुमार बनाम राज्य सरकार के नाम से एनजीटी में केस दर्ज हुआ। जिसके बाद एनजीटी के आदेश से सभी ईंट भट्ठे बंद कर दिए गए और एनजीटी की ओर से भट्ठों से होने वाले प्रदूषण की रिपोर्ट के लिए पूर्व में एक समिति गठित की। इसमें एसडीएम के अलावा प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड से भी रिपोर्ट मांगी थी।
इस रिपोर्ट के बाद 12 अगस्त को एनजीटी में सुनवाई हुई। इस दौरान एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व अधिकारियों की ओर से दी गई प्रदूषण संबंधी रिपोर्ट को नकार दिया। ईंट भट्ठों से होने वाले प्रदूषण की जानकारी के लिए नई समिति तैयार की है। इसकी जिम्मेदारी रिटायर्ड अनिल कुमार व आईआईटी दिल्ली एवं अन्य पांच सदस्यीय टीम को दी गई। यह टीम आगामी तीन माह बाद अपनी रिपोर्ट देगी।
इस समिति की रिपोर्ट को एनजीटी 16 दिसंबर को सुनवाई करेगी। ईंट भट्ठा एसोसिएशन के महामंत्री भानु प्रकाश वार्ष्णेय ने बताया कि वह एनजीटी के आदेश का सम्मान करेंगे और जो भी निर्देश होंगे मानक होंगे, उनको पूरा करेंगे। आगामी 16 दिसंबर को सुनवाई होगी।













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