देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। जयगुरूदेव आश्रम से जुडी करोडों रूपये की संपत्ति के उत्तराधिकार को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। अभी तक दो गुटों के बीच समय समय पर टकराव सामने आता रहा है। अब एक तीसरे गुट ने पहले वाले दोनों गुटों को एक ही थाली का चट्टा बट्टा बताते हुए उनके द्वंद को एक चाल करार देते हुए बाबा जयगुरूदवे की मौत पर ही सवाल खडे कर दिये हैं। खुद को जयगुरूदेव धर्मप्रचारक संस्था का उपाध्यक्ष होने का दावा करते हुए रामप्रताप ने पत्रकारवार्ता आयोजित कर कहाकि
बाबा जयगुरूदेव की मौत एक षणयंत्र थी और वह अपने निकट लोगों की चाल का शिकार हुए थे उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रदेश सरकार में सामिल कुछ प्रभावशाली लोगों का भी इन षणयंत्रकारियों को साथ मिला था। उन्होंने कहाकि अभी तक इसके बाद भी सब कुछ ठीक नहीं रहा और दो संस्थाएं दिखावे के लिए अलग अलग होकर नूराकुश्ती करतीं रहीं, हकीकत में इन में किसी तरह का कोई बैर नहीं रहा है। ज्ञात रहे कि इसी सप्ताह पंकज बाबा सहित कई लोगों के खिलाफ थाना हाइवे में मुकदमा पंजीकृत हुआ है। इसके बाद पंकज बाबा पर जुबानी हमले तेज हो गये हैं।













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