देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा(सतपाल सिंह)। जिंदगी में तनाव और पति पत्नी दोनों काम काजी होने जैसी जिंदगी की जटिलताओं ने आपसी रिस्तों में तनाव ला दिया है। ऐसे में परिवार परामर्ष केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभारा है। परामर्ष केंद्र के सदस्य आरवी चैधरी ने बताया कि वर्ष 2005 में गठन किया गया था। महिला थाना में षनिवार को 11 बजे से 3 बजे तक परामर्ष केंद्र लगता है। जिसके अंतर्गत फरवरी 2018 से सितम्बर 2018 तक महिला थाना पुलिस तथा परामर्ष केंद्र के सदस्यों के पास कुल 1025 पत्र आये। जिनमें से 305 विवादों में राजीनाम करा दिया गया, जबकि 115 में रिपोर्ट दर्ज कराई गयी है। जिनमें 12 जोडों को बुलाया गया जिनका पिछले महीने राजीनामा कराया गया था। अब ये दंपति परिवार के साथ ठीक से रह रहे हैं।
ये टीम कर रही काम
नोडल अधिकारी एसपी यातायात डा.ब्रजेष कुमार सिंह, महिला थाना प्रभारी नरेंद्री सैनी, एचएम उषा चौहान, कांस्टेबल रजनी देवी, सविता, रीना, अंजू, उमेशचंद के अलावा परामर्श केंद्र के सदस्य एमपी सिंह, आरवी चैधरी, मुकेष तिवारी, ललिता अरोरा, डा.अजय कुमार सिंह, रष्मि भार्गव, किरन षर्मा।
इनके विवाद को कराया समाप्त
रष्मि पत्नी पप्पू निवासी कोसीकलां, खिल्लो पत्नी पिंटू निवासी नगला चैबा थाना उद्योग नगर, पूनम पत्नी पवन निवासी षिवकॉलोनी छाता, चंचल पत्नी परषुराम निवासी षेरगढ, बीना पत्नी जीतू निवासी षेवला जाट ग्वालियर रोड थाना सदर आगरा, बबलेष पत्नी बंसी निवासी बिरला मंदिर थाना सदर बाजार, रीना पत्नी सोनू निवासी घाटा थाना रूपवास भरतपुर, ज्योति पत्नी पवन निवासी रोहिणी सेक्टर 11 दिल्ली, सायरा पत्नी तालिम निवासी रिफायनरी, वर्षा पत्नी जोगेन्द्र निवासी भरतपुर गेट मथुरा, नीतू पत्नी सुनील निवासी गिदाई थाना मुरसान हाथरस, त्रविणी पत्नी लेखपाल निवासी औरंगाबाद मथुरा













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