देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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वृन्दावन(जहीर आलम)। श्राद्ध पक्ष के प्रथम दिन केशीघाट पर तर्पण का कार्यक्रम किया गया। जिसमें विप्रो ने अपने पितरो के अलावा अन्य पितरों व सरहद पर शहीद हुए जवांनो की आत्मा की शांति को तर्पण कर अपने पितरो से जवांनो की सुरक्षा की कामना की। ब्राह्मण महा सभा के बैनर तले सोमवार को प्राचीन केशीघाट पर विप्रो ने तर्पण किया। एक महीने तक चलने वाले श्राध्द पक्ष के प्रथम दिन विप्रो ने यमुना में खड़े होकर विधिविधान पूर्वक तर्पण किया। वही पितरो को अर्गी के माध्यम से जल अर्पित किया गया।
इधर पुजारी द्वारा वैदिक मामंत्रोचारण के मध्य तर्पण पूजा कराई गई। ब्राह्मण महासभा के महेश भारद्वाज ने कहा कि ब्राहमण महासभा के द्वारा सरहद पर शहीद हुए सैनिकों की आत्मा शांति के लिए तर्पण किया है वही अपने पित्रो से सैनिकों की रक्षा की कामना की गई। योगेश द्विवेदी ने कहा कि प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी ब्राह्मण महा सभा के द्वारा पूरी श्रद्धा के साथ तर्पण किया गया है । बताया कि हम जो तर्पण करते हैं उसमें देव तर्पण ऋषि तर्पण पितृ तर्पण किए जाते हैं । श्राद्ध पक्ष में यह सारे पितृ धरती पर आते हैं यहां उनके वंशज और उनके पुत्रो के द्वारा जल ग्रहण करते हैं वहीं श्राद्ध पक्ष में पितरों की पसंद की चीजें भी दान करने से मनोकामना पूर्ण होती है इस अवसर पर संरक्षक सुरेश चंद शर्मा, महेश शर्मा, ब्रजमोहन खांडाल, राधेश्याम शास्त्री, महेश शर्मा, डॉ राजेश शर्मा, गोविंद पचौरी, आचार्य राजू , बृजगोपाल , बंटी बर्तन वाले, लक्ष्मी नारायण आदि मौजूद रहे।













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