देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा। संस्कृति विवि में इंटरप्रेन्योर शिप डेवलपमेंट सेमिनार एमएसएमई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। इसमें विभिन्न ख्यातिलब्ध कंपनियांे के एमडी-ंसीईओ को बुलाया गया है। वह अपने कारोबार को जमीनी स्तर से शीर्ष स्तर तक कैसे पहुंचा पाए यह जानने समझने का अवसर छात्रों को मिल रहा है। पहले दिन के मुख्य वक्ता एंटरपेन्योर शिप डेवलपमेंट इन्स्टीट्यूट आॅफ इंडिया के डायरेक्टर आरके कपूर रहे। इन्होंने बताया कि डायरेक्टर ने बताया कि सूक्ष्म, लधु एवं मध्यम उद्यम लगाने में एमएसएमई का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने सरकार की लघु एवं कुटीर उद्योग प्रारंभ करने वाली सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ लेने की जानकारी विस्तार से दी। विशिष्ट अतिथि न्यूट्रिम इण्डिया कंपनी के सीईओ प्रतीक गर्ग ने अपने कारोबार से जुडे़ साझा करते हुए कहाकि परिसंवाद से कारोबारी दिक्क्तों को समझने का मौका सभी को मिला। करीब दो सैकड़ा छात्र, फेकल्टी मेम्बर्स एवं कारोबारियों की मौजूदगी में कारोबार लगाने में रुचि रखने वाले स्थानीय लोगों ने भी रोजगार स्थापना की जानकारी प्राप्त की। विवि के कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बृहद स्तर पर होने चाहिए तभी आम आदमी योजनाओं का लाभ ले सकेगा। इस दिशा में विवि जल्द पहल करेगा ताकि ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलने में सहूलियत मिले। उप कुलाधिपति राजेश गुप्ता ने कहा कि युवाओं को मुश्किलों से डरने की बजाय उनमें व्यवासियक मौकों की तलाश करते हुए ऐसे उत्पाद और सेवा की दिशा में काम करना चाहिए जिनसे लोगों की मुश्किल हल हो सकें। साथ ही अर्थ लाभ भी प्राप्त हो सके। वाइसचांसलर डा. राणा सिंह ने कहा कि कोई कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। युवाओं को खुद की रुचि वाले कार्य में मन लगाना चाहिए और उसकी ठोस प्लानिंग करके काम को आगे बढाना चाहिए।













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