देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
अक्सर यह देखा गया है कि महिलाएं सेहत से जुडी रोजमर्रा की तकलीफों को नजर अंदाज कर देती हैं लेकिन क्या आपको मालूम है कि सेहत के प्रति बरती गई ये लापरवाही आपके लिए घातक सिद्ध हो सकती है।
पैरों में दर्द सामान्य तौर पर कई महिलाएं पैर दर्द से पीडित होती हैं लेकिन डॉक्टर के पास जाने की जहमत नहीं उठाती हैं। पैरों में दर्द अक्सर वेरीकोज वेन के कारण होता है। शरीर में रक्तवाहिनियां होती है जिनमें छोटे-छोटे वाल्व होते हैं जो कि रक्त का प्रवाह की सही दिशा में पहुंचाते हैं ताकि रक्त ह्वदय तक पहुंचता रहे। वाल्व उस छोटे से दरवाजे की तरह होते हैं जो कि रक्त के प्रवाह होते ही बंद होजाते हैं ताकि रक्त विपरीत दिशा में न बह सके।
डॉक्टर के अनुसार- मोटापा, गर्भावस्था, बढती उम्र आदि में ये वाल्व सही ढंग से कार्य नहीं कर पाते हैं। ऎसी अवस्था में रक्त वाल्व में ही जमा हो जाता है और एक नॉर्मल प्रक्रिया की तरह प्रवाहित नहीं हो पाता है। इस प्रकार ये वाल्व सूज जाते हैं और बडे हो जाते हैं। इसी अवस्था कोवेरीकोज वेन कहा जाता है। इस बीमारी का उपचार संभव है। कमर में दर्द आह, ऊह, आउच का दर्द तो लगभग हर महिला को अपने जीवनकाल में झेलना ही पडता है। कमर दर्द को लेकर औरतों के मन में कई भ्रांतियां होती है। कोई इसे कमजोरी की निशानी समझता हैतो कोई कमर की आम समस्या। लेकिन कमर व पीठ दर्द के कई कारण होते हैं। जिसमें एक बसेस बडा होता है स्लिप्ड डिस्क।
डॉ- के अनुसार हामरी गलत दिनचर्या व अन्य गलत आदतों के कारण रीढ की हड्डी पर दबाव अक्सर बढने लगता है, जिस कारण कई अवस्थाओं का जन्म होता है जो कि शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। जैसे स्लिप्ड डिस्क। कमर में स्थितडिस्क प्राय: रबड की तरह होती है जो इन हडि्डयों को जोडने के साथ-साथ उनकेा लचीलापन प्रदान करती है। तो, इन्हीं डिस्क में उत्पन्न हुए विकारों को कहते हैं स्लिपड डिस्क और यह कमर दर्द से जुडी बीमारियों की पहचान है। कमर से लेकर पेैरों में जाता हुआ दर्द जिसके साथ ही साथ पैरों का सुन्न या भारी होना या चीटियां चलने जैसा एहसास भी हो सकता है। आगे चलकर दर्द के मारे चलने में असमर्थ और कई बार लेटे-लेटे भी कमर से पैर तक असहनीय दर्द होता रहता है। कमर मे होने वाला दर्द आपके लिए आगे चलकर घातक सिद्ध हो सकता है। जरूरी है इससे नजरअंदाज बिल्कुल ना किया जाए।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
क्या है हीट स्ट्रोक, जानिये लक्षण और इससे बचने के घरेलू उपाय
बदलते मौसम में फूड प्वाइजनिंग की बढ़ जाती है संभावना, जानें कारण, लक्षण व उपचार
जानें, एनीमिया मुक्त भारत अभियान में किसे मिला पहला स्थान, क्या है बीमारी और उसके लक्षण