देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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वृन्दावन(जहीर आलम)। योगी सरकार में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। घटना संतो की नगरी वृंदावन के गोपीनाथ मंदिर के समीप की है। जहां राह चलते एक साधु की तबीयत अचानक बिगड़ गयी। स्थानीय लोगों ने अपने प्रयाश से मदत कर 108 एंबुलेंस को सूचना दी। जिसपर संबंधित अधिकारी ने ऐम्बुलेंस को भेजने की बात कही। लेकिन 1 घंटे बाद भी 108 एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। काफी देर बाद स्थानीय प्रयासों से एंबुलेंस बुलाई गई। तब जाकर वृद्ध साधु को वृंदावन के संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां साधु की हालत चिन्ताजनक होने पर डॉक्टरो ने उसे आगरा के लिए रेफर करने की बात कही। रेफर करने से पहले ही साधु ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। म्रतक साधू की शिनाख्त 55 वर्षीय मांट निवासी पप्पू के रूप में की गयी है। जो मांट से प्रतिदिन वृन्दावन भजन करने के लिए आता था।
विदित रहे कि जिस समाजवादी 108 ऐम्बुलेंस योजना के लिए अखिलेश सरकार की सराहना हुई थी। वही 108 एंबुलेंस योजना योगी सरकार की किरकिरी का कारण बनी हुई है। इससे पहले भी 108 एम्बुलेंस व्यवस्था डीजल न होने के चलते ठप होती दिखाई दी।
गौरतलब है कि अगर एम्बुलेंस समय से आजाती और समय से साधु को उपचार मिल जाता तो शायद साधु की मौत ना होती। घटना के संबंध में स्थानीय संत नारायण बाबा ने घटना के लिए स्वास्थ्य को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि जब सरकार किसी योजना का लाभ जनता को नही दिला सकती तो क्या फायदा ऐसी योजनाओं का। उन्होंने लापरवाही के लिए जिम्मेदारो पर कार्यवाही की मांग की है। अब देखना होगा कि दोषियों पर कार्यवाही हो पाती है या नही।













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