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जवाहर बाग में शहीद हुए द्विवेदी के परिजनों ने किया वृक्षारोपण

जवाहर बाग हिंसाकांड में शहीद हुए मुकुल द्विवेदी को श्रद्धासुमन के रूप में उनके परिवारीजन जवाहर बाग में वृक्षारोपण करते हुए मथुरा। मथुरा में दो वर्ष पूर्व दो जून के ही दिन जवाहर बाग पर अवैध कब्जा करे बैठे रामवृक्ष यादव एवं उसके ढाई-तीन हजार अवैध अतिक्रमणकारी साथियों से हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए तत्कालीन एवं एसओ फरह संतोष यादव, एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के परिजन शनिवार को उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए मथुरा पहुँचे । जहां उन्होंने शहीद मुकुल द्विवेदी की याद में वृक्षारोपण कर एवम रक्तदान कर उन्हें श्रद्धांजलि दी ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जवाहर बाग में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी व उनके साथ अतिक्रमणकारियों से आमने-सामने लोहा लेते हुए मारे गए फरह थानाध्यक्ष संतोष यादव की पुण्यतिथि पर शहीद मुकुल द्विवेदी के परिजन शनिवार को मथुरा पहुँचे । जहां उनकी स्मृति में वृक्षारोपण किया । जवाहर बाग में वृक्षारोपण करने के बाद शहीद मुकुल द्विवेदी की पत्नी , भाई  माँ व अन्य परिजन जिला अस्पताल पहुँचे जहां उन्होंने रक्तदान कर शहीद मुकुल द्विवेदी को श्रद्धांजलि दी । इस मौके पर शहीद मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी ने मुकुल द्विवेदी को न्याय और सम्मान मिलने की मांग सरकार से की ।

जवाहर बाग में हुई हिंसा की इस  घटना के कारण उस समय सरकार की भारी किरकिरी हुई थी। क्योंकि, कथित रूप से रामवृक्ष यादव के सरकार में अत्यधिक दबदबे वाले मंत्रियों से निकट संबंध बताए जा रहे थे। कहा जा रहा था कि यही मंत्री जिला प्रशासन को सख्त कार्यवाही करने से रोक रहे थे।गौरतलब है कि 15 मार्च 2014 से जिला उद्यान विभाग के सौ एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले जवाहर बाग पर दो दिन के धरने के नाम पर बाबा जयगुरुदेव के तथाकथित अनुयायी रामवृक्ष यादव एवं उनके साथियों ने कब्जा कर लिया था तथा जिला प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी वे लोग वहां से वापस जाने को तैयार नहीं थे। इसके बाद हाई कोर्ट के आदेश पर रामवृक्ष यादव आदि से वार्ता करने पहंुचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर उन लोगों ने लाठी, फरसा, बंदूक, तमंचा आदि प्राणघातक हथियारों से हमला कर दिया था। उनके प्रारम्भिक हमले में ही फरह के थानाध्यक्ष एवं एसपी सिटी शहीद हो गए। लेकिन 2 वर्ष गुजर जाने के बाद भी इस मामले में दोषियों के खिलाफ ठोस कार्यवाही न करने पर शहीद मुकुल द्विवेदी के भाई आहत नजर आए । उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार से काफी उम्मीद थी लेकिन 15 महीने योगी सरकार को हो गए । अभी तक मुकुल को जो सम्मान मिलना चाहिए था वह भी नहीं मिला।

 

 

जवाहर बाग का नाम होगा मुकुल बाग: श्रीकांत शर्मा 

शहीद मुकुल द्विवेदी के परिवार की सरकार से नाराजगी पर सरकार के प्रवक्ता एवम ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि उनकी प्रदेश सरकार मुकुलजी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पित है । वहीं जल्द ही जवाहर बाग का नाम शहीद मुकुल द्विवेदी के नाम करने का प्रस्ताव पास किया जाएगा। इस घटना में दो पुलिस अफसरों सहित कुल 29 लोग मारे गए थे। जले-भुने अतिक्रमणकारियों के शव पहचानना भी संभव नहीं हो पाया था। इस हिंसा की  हाईकोर्ट के आदेश पर वर्तमान में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई मामले की जांच कर रही है।

 

 

डीएम एसएसपी पर भी उठे थे सबाल

जिस समय मथुरा में जवाहरबाग कांड हुआ था उस समय मथुरा जनपद में डीएम राजेश कुमार व एसएसपी राकेश सिंह थे। जवाहरबाग कांड के दौरान दोनों ही अधिकारियों की कारगुजारी पर बड़े सबाल खड़े किए गए। जबाहरबाग कांड में लापरवाही बरतने पर उन्हें मथुरा से हटाया भी गया। मामले की न्यायिक जांच टीम गठित की गई परिजनों के आग्रह पर प्रकरण की सीवीआई जांच टीम भी गठित हुई लेकिन आज 2 जून 2018 को जवारबाग कांड को पूरे दो साल बीत गए लेकिन जबाहवाग कांड एक रहस्य बनकर सरकारी दस्तावेजों में सिमटता दिखाई दे रहा है।

 

नारद संवाद

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