देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
विभिन्न संगठनों के साथ संत, महंतों ने की जातिगत आरक्षण खत्म करने की मांग
वृंदावन। आरक्षण के विरोध में विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा किए गए भारत बंद का ऐलान के बाद वृंदावन में लगभग शांतिपूर्ण माहौल रहा। नगर के इस्काॅन मंदिर मार्केट को छोड़ दें बाकी प्रमुख बाजार लोई बाजार, प्रताप बाजार व शाहजी मंदिर मार्केट रोज की तरह खुली नजर आए। अन्य दिनांे की अपेक्षा मंगलवार को बाजारों में रौनक कम ही नजर आयी। इधर दोपहर बाद नगर के सर्व ब्राह्मण महासभा, ब्राह्मण सेवा संघ, व्यापारी संगठन, वृन्दावन सेवा समिति, क्षत्रिय अखिल भारतीय संघ, अंतर्राष्ट्रीय ब्राह्मण महा संघ, सहित आधा दर्जन से अधिक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी कोतवाली वृंदावन पहुंचे। जहां इन्होंने आरक्षण के विरोध में प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम सदर क्रांती शेखर को ज्ञापन सौंपा। दोपहर लगभग 1 बजे धर्माचार्य संपर्क प्रमुख राजनारायण द्विवेदी के नेतृत्व में नगर के संत-महंत एवं समाजसेवी कोतवाली पहुंचे और एसडीएम सदर से मुलकात कर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आरक्षण को समाप्त करने की मांग की। इस संबंध में ज्ञापन देने पहुंचे महामंडलेश्वर स्वामी रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि आरक्षण जातिगत आधार पर ना होकर आर्थिक आधार पर होना चाहिए क्योंकि गरीब हर जाति में मौजूद है। गरीबी पर किसी जाति का अधिकार नहीं है हम मांग करते हैं कि आरक्षण को समाप्त करना चाहिए और अगर आरक्षण की जरूरत पड़ती है तो आरक्षण जातिगत ना होकर आर्थिक आधार पर मिलना चाहिए जिससे समाज में सामाजिक समरसता बनी रहे। ज्ञापन देने वालों में चतुर सम्प्रदाय के महंत फूलडोल बिहारी दास, स्वामी रामदेवानन्द महाराज, विनोदम महाराज, महामण्डलेश्वर नवलगिरि महाराज, हरिबोल बाबा, योगेश शर्मा, विनीत शर्मा, योगेश योगीराज, डाॅ. स्वामी देवकी नन्दन शर्मा, राजकिशोर भारती आदि लोग मौजूद रहे।













Related Items
आई.ए.एस प्रशांत नागर बने एसडीएम सदर
ग्रामीणों ने एसडीएम से की राशन डीलर की शिकायत
एसडीएम, सीओ के हस्तक्षेप के बाद दफनाया जा सका शव