देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
मथुरा। एकीकृत बागवानी मिशन एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की समीक्षा कलेक्ट्रेट सभागार में ‘‘पर ड्राप मोर क्राप‘‘ माइक्रोइरीगेशन की गवर्निंग बाॅडी की मुख्य विकास अधिकारी यशु रूस्तगी ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जमीन से पानी का अधिक दोहन होने से यह स्थिति पैदा हुई है इस पद्धति को अपनाने से जल स्तर में फर्क आयेगा। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे कम पानी से उगने वाली फसलों का उत्पादन करें। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ‘‘पर ड्राप मोर क्राप‘‘ योजनान्तर्गत ड्रिप एवं स्प्रिकंलर में लघु एवं सीमान्त कृषकों को 90 प्रतिशत एवं सामान्य कृषकों को 80 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया है कि अति दोहित विकास खण्डों-राया, बल्देव, फरह व नौहझील के कृषकों को इस योजना में वरीयता प्रदान की जाय। योजना में 134 हैक्टेअर में ड्रिप सिंचाई एवं 199 हैक्टेअर में स्प्रिंकलर सिंचाई के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। उन्होंने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया कि इस योजना का लाभ डार्क ब्लाॅक में वरीयता के आधार पर किसानों को उपलब्ध करायें।
औद्यानिक मिशन में कृषकों द्वारा 20 होर्स पावर से ज्यादा पावर के ट्रैक्टर पर अनुदान दिलाये जाने की बात रखी गई, जिस पर सर्व सम्मति से अनुमोदन दिया गया है। एकीकृत बागवानी मिशन की बिन्दुवार वर्ष 2017-18 की कार्य योजना सदन के समक्ष रखी गई, जिस पर सभी सम्मानित सदस्याअें द्वारा एक मत से प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई इसके पश्चात माइक्रोइरीगेशन के भौतिक लक्ष्यों एवं उनके कार्यान्वयन से संबंधित विस्तृत चर्चा सदन में की गई।
बैठक में परियोजना निदेशक रवि किशोर त्रिवेदी, उप कृषि निदेशक धुरेन्द्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी सुरेश कुमार विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।













Related Items
बिहार में बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों के तबादले, कई जिलाधिकारी भी बदले गए
गृह मंत्रालय की टीम ने मणिपुर का दौरा किया, सरकारी अधिकारियों और नेताओं से मुलाकात की
MATHURA : प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर अधिकारियों की दौड़ भाग जारी