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मथुरा। नगर पालिका पारिषद व नगर पालिकाओं का कार्यकाल गुरूवार तीन अगस्त को समाप्त हो गया। इसी के साथ जनपद के एक नगर पालिका व 13 नगर पंचायतों पर आसीन चैयरमैन अधिकारहीन हो गये। इसके लिए प्रशासन ने पहले से ही सभी तैयारियां कर ली गई थी। जिलाधिकारी मथुरा ने पूर्व में ही नगर पंचायत अधिकारों में कटौती करते हुए सभी प्रकार के लेन-देन पर रोक लगा दी गई थी जिससे अन्तिम समय में कोई चैयरमैन अनियमितता नही कर सकें। इसे लेकर चैयरमैनों ने इसका विरोध भी किया था लेकिन जिलाधिकारी के कड़ें रूख के आगे उनकी एक नहीं चली। जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पंचायतों व पालिका में तैनात अधिशासी अधिकारियों को पंचायत अघ्यक्ष के अधिकार प्रदान कर कर दिये गये हैं। इसके साथ ही जनपद के सभी पंचायतों के अघ्यक्ष अधिकारहीन हो गये। ज्ञात रहें है शासन ने नगर पालिकाओं व पंचायतों और नगर निगम के चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर आयोग ने उक्त चुनावों को पिफलहाल स्थगित कर दिया गया था। इसी के चलते तीन अगस्त को प्रदेश के अधिकतर पंचायतों व पालिकाओं में बोर्ड बैठक तीन अगस्त को ही हुई हैं। और नियम अनुसार पहली वोर्ड बैठक के हिसाव से ही पाॅच साल बाद अध्यक्षों का कार्यकाल समाप्त माना जाता हैं। इसी क्रम में शासन ने इसके लिए पहलें से निर्देश देकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली थी। और आज प्रातः काल सभी अधिशासी अधिकारियों ने पंचायत/ पालिका अघ्यक्षों से वैधाानिक कार्यवाही के बाद पंचायत/पालिकाओं का कार्यवाहक अघ्यक्ष पद प्राप्त कर लिये हैं। अब आगामी निर्वाचन तक यही अधिकारी पंचायतों पालिकाओं के कार्यो को देखेगे।













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