देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मंडी समिति क्षेत्र स्थित नरसी बिहार कॉलोनी में चल रही श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ के आठवें दिन महामंडलेश्वर श्री स्वामी कार्ष्णि गुरु शरणानंद जी महाराज ने पधार कर व्यास पूजन कर उपस्थित श्रद्धालुयों को आशीर्वचन प्रदान किया। इस अवसर पर महाराज श्री ने कहा कि भगवान श्री राम जी के चरित्र को अंत:करण में धारण करने से प्राणी मात्र का उद्धार होता है। राम है वहां काम नहीं और जहां काम है वहां राम नहीं हो सकता है। आज लोगों को भगवान श्री रामचंद जी के चरित्र को अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है। उन्होनें कुम्भकर्ण एवं रावण की कथा के माध्यम से भक्तों को जीवन एवं मरण का रास्ता बताया। व्यासपीठ से कथा व्यास स्वामी कार्ष्णि स्वरूपानंद महाराज ने भक्तों को राम रावण युद्ध की कथा का श्रवण कराया। कथा के अंत में व्यासपीठ की आरती की गई।













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