BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

कलश यात्रा के साथ हुआ श्रीराम कथा का शुभारंभ

मथुरा। का्ष्णिण भक्त मंडल द्वारा नरसी विहार स्थित पार्क में हरियाली तीज पर बुधवार से शुरू हुई श्रीराम कथा से पूर्व निकाली गई कलश यात्रा ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। 16 श्रृंगारों से सज-धज कर महिलाएं शोभायात्रा में कलश लेकर चल रहीं थीं। बैंड-बाजे की समधुर धुन पर प्रस्तुत भजनों पर भक्तों ने जमकर हाजिरी लगाई। रमणरेती स्थित का्ष्णिण आश्रम से आए भक्त विभिन्न वाद्य यंत्रों के साथ मार्ग में कीर्तन करते हुए चल रहे थे। स्थानीय लोगों द्वारा जगह-जगह पुष्प वर्षा कर व आरती उतारकर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। शोभायात्रा पातीराम मंदिर से प्रारम्भ होकर सौंख रोड, मंडी चौराहा होते हुए नरसी विहार स्थित आयोजन स्थल पर पहुंची। जहां पूजा-अर्चना के बाद कलशों की स्थापना हुई। शुभारंभ रमणरेती आश्रम से आए स्वामी गोविंदानंद महाराज ने किया। कथा व्यास स्वामी का्ष्णिण स्वरूपानंद महाराज ने भक्तों को कथा का महात्म्य बताया। मीडिया प्रभारी अनिल अग्रवाल ने बताया कि कथा के समापन पर तीन जुलाई को हवन व चार जुलाई को महाप्रसाद होगा। उन्होंने धर्मप्रेमी जनता से कथा का श्रवण कर पुण्य कमाने का आह्वान किया है।मथुरा। का्ष्णिण भक्त मंडल द्वारा नरसी विहार स्थित पार्क में हरियाली तीज पर बुधवार से शुरू हुई श्रीराम कथा से पूर्व निकाली गई कलश यात्रा ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। 16 श्रृंगारों से सज-धज कर महिलाएं शोभायात्रा में कलश लेकर चल रहीं थीं। बैंड-बाजे की समधुर धुन पर प्रस्तुत भजनों पर भक्तों ने जमकर हाजिरी लगाई। रमणरेती स्थित का्ष्णिण आश्रम से आए भक्त विभिन्न वाद्य यंत्रों के साथ मार्ग में कीर्तन करते हुए चल रहे थे। स्थानीय लोगों द्वारा जगह-जगह पुष्प वर्षा कर व आरती उतारकर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। शोभायात्रा पातीराम मंदिर से प्रारम्भ होकर सौंख रोड, मंडी चौराहा होते हुए नरसी विहार स्थित आयोजन स्थल पर पहुंची। जहां पूजा-अर्चना के बाद कलशों की स्थापना हुई। शुभारंभ रमणरेती आश्रम से आए स्वामी गोविंदानंद महाराज ने किया। कथा व्यास स्वामी का्ष्णिण स्वरूपानंद महाराज ने भक्तों को कथा का महात्म्य बताया। मीडिया प्रभारी अनिल अग्रवाल ने बताया कि कथा के समापन पर तीन जुलाई को हवन व चार जुलाई को महाप्रसाद होगा। उन्होंने धर्मप्रेमी जनता से कथा का श्रवण कर पुण्य कमाने का आह्वान किया है।

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More