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ड्राइवर ने बताई आंखों देखी, पढ़ें-आतंकियों से कैसे बचाई अमरनाथ यात्रियों की जान

ड्राइवर ने बताई आंखों देखी,पढ़ें-आतंकियों से कैसे बचाई अमरनाथ यात्रियों की जाननई दिल्ली । अमरनाथ यात्रियों से भरी जिस बस पर सोमवार को आतंकियों ने हमला किया, उसके ड्राइवर सलीम की बहादुरी के चर्चे अब हर जगह सुनाई दे रहे है। सलीम की इस दिलेरी को यात्रियों के साथ देश के नेताओं ने भी सलाम किया है। वहीं, जम्मू-कश्मीर सरकार ने बहादुरी दिखाने वाले ड्राइवर को 2 लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है। दूसरी ओर, यह खबर आ रही है कि गुजरात सरकार वीरता पुरस्कार के लिए ड्राइवर सलीम का नाम भेजेगी। सूरत एयरपोर्ट पर हमले में मारे गए गुजरात के 5 यात्रियों को श्रद्धांजलि देने के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने कहा कि ड्राइवर ने जिस तरह दो किलोमीटर तक बिना रुके बस चलाकर आतंकियों की पहुंच से दूर निकाला, इसके लिए वह उन्हें धन्यवाद देते हैं। उन्होंने सलीम को वीरता पुरस्कार देने की मांग भी की।

हमले के बाद सलीम ने दिलेरी और जांबाजी दिखाते हुए तब तक बस को चलाना जारी रखा, जब तक बस आतंकियों की पहुंच से दूर नहीं हो गई। सलीम ने मंगलवार को आतंकी हमले के दौरान के खौफनाक लम्हों को याद करते हुए कहा कि आठ बजे के आसपास बस पर सामने से फायरिंग हुई। आतंकवादी अंधाधुंध फायरिंग कर रहे थे। इससे बस में सवार यात्री घबरा गए थे, तभी मैंने कंडक्टर से बस का गेट ठीक से बंद करने को कहा। इसके बाद बस की स्पीड बढा दी। बस जहां पहले 60 की स्पीड से चल रही थी, वहां उसे मैं 80-85 की स्पीड से चलाने को मजबूर हो गया। मैं गाड़ी चलाता रहा तभी एक गोली बगल में बैठे मेरे साथी को लगी। लेकिन, मैं रुका नहीं और बस चलाता रहा। सलीम ने कहा कि उस वक्त खुदा ने मुझे आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दी और मैं रुका नहीं। हादसे में बचे कई यात्रियों ने बताया कि बस ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए मौके से बस को किसी तरह भगाकर सुरक्षाबल के कैंप तक पहुंचाया। उनके मुताबिक अगर आतंकी बस में सवार होने में कामयाब हो जाते तो जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता था। आपको बता दें कि इस आतंकी हमले में कुल 7 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि 30 से ज्यादा घायल हो गए थे। खुलासा हुआ है कि गुजरात के रजिस्ट्रेशन नंबर जीजे09जेड9976 वाली बस अमरनाथ श्राइन बोर्ड में रजिस्टर नहीं थी। 

साभार-khaskhabar.com

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