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नई दिल्ली । प्रमुख कारोबारी चैंबर, फिक्की ने देश में व्यापारिक धारणा और संचालन के लिए सबसे महत्वपूर्ण खतरे के रूप में सूचना और साइबर असुरक्षा को बताया है।
फिक्की की एक रपट के मुताबिक, हाल के दिनों में साइबर हमलों और साइबर सुरक्षा पर संभावित जासूसी की घटनाओं में वृद्धि हुई है।
फिक्की ने पिंकर्टन इंडिया जोखिम सर्वेक्षण 2017 में कहा, ‘‘देश तेजी से डिजिटीकरण की दिशा में बढ़ रहा है, जिससे ‘सूचना और साइबर असुरक्षा’ का जोखिम और बढ़ गया है।’’
सर्वेक्षण में कहा गया है, ‘‘वन्नाक्राई मैलवेयर घटना अब तक की इस साल की सबसे खराब घटना है, जिसमें कई सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के सिस्टम्स पर हमला किया गया था। इसलिए साइबर सुरक्षा चुनौती को हल करने के लिए मजबूत सुरक्षा तंत्र बनाने पर ध्यान केंद्रित होना चाहिए।’’
इस रपट में ‘आतंकवाद और उग्रवाद’ को भारत में कारोबार के लिए दूसरा सबसे बड़ा खतरा बताया गया।
रपट में कहा गया है, ‘‘आतंकवाद और उग्रवादियों का खतरा भारतीय बाजार में रुचि रखने वाले निवेशकों में किए गए निवेश को लेकर जोखिम की भावना पैदा करता है।’’
इस रपट में भारत में व्यापार के लिए तीसरा सबसे गंभीर खतरा ‘भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और कॉर्पोरेट धोखाधड़ी’ को बताया गया है।
साभार-khaskhabar.com













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