देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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अंबाला । सगी बेटी ने पहले तो पिता पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया, मां ने अपने पति की करतूत उजागर की और उसके खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराया। अदालत में जब पिता को सजा सुनाने की बारी आई तो मां-बेटी ने बयान बदल लिए। अदालत ने इसके बाद भी
पिता को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एडिशनल सेशन जज नरेंद्र सूरा की अदालत ने पिता को उम्रकैद के संग तीन हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जानकारी के अनुसार, अंबाला शहर में रहने वाला परिवार जनवरी, 2016 में हरिद्वार स्नान के लिए गया था। घर में बेटी और पिता रह गए थे।
घर में बेटी को अकेली देख पिता ने उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला। अारोप है कि बेटी ने विराेध किया तो उसने जान से मारने की धमकी दी। उसने बेटी को इस बारे में किसी को कुछ नहीं बताने को कहा। परिवार के लोग हरिद्वार से लौटे तो लड़की को असहज पाया। पूछताछ करने पर लड़की ने मां को पेट में दर्द होने की बात कही।
इसके बाद वह उसे डॉक्टर के पास ले गई तो सारे मामले का खुलासा हाे गया अौर लड़की ने मां को पिता की करतूत के बारे में बताया। इसके बाद मां ने आवाज उठाते हुए 4 जनवरी 2016 को शहर के कोतवाली थाने में पति के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी पिता काे गिरफ्तार कर लिया। एक साल दो माह चली सुनवाई के दौरान अदालत में 14 लोगों की गवाही हुई।
एडिशनल सेशन जज नरेंद्र सूरा की अदालत ने आरोपी पिता को दोषी करार दिया और उसे उम्रकैद व तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। बता दें कि केस की सुनवाई के दौरान लड़की आैर उसकी मां ने अपने बयान भी बदल लिये, लेकिन अदालत ने उसे खाारिज कर दिया।
साभार-khaskhabar.com













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