देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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चेन्नई। तमिलनाडु में सत्तारुढ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड मुनेत्र कडगम (एआईएडीएमके) में मची आतंरिक कलह खत्म होती नजर नहीं आ रही है। शशिकला खेमा और पनीरसेल्वम खेमा दोनों ही सरकार बनाने के लिए अपना-अपना पक्ष मजबूत करने में लगे हुए हैं। पन्नीरसेल्वम को तब और ताकत मिल गई जब वी के शशिकला का साथ छोडक़र अन्नाद्रमुक के एक विधायक और चार सांसद उनके साथ आ गए। वहीं शशिकला ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कराने में हो रही देरी को लेकर राज्यपाल विद्यासागर राव पर निशाना साधा।
शशिकला के खेमे से पनीरसेल्वम के कुनबे में और नेता आ गए है। जिस तरह से ओ पनीरसेल्वम का कुनबा लगातार बढता जा रहा है, उसने शशिकला की मुश्किले और ज्यादा बढा दी है।
शशिकला के लिए मुश्किलें इतनी ही नहीं हैं। उनके खिलाफ चल रहे आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला सोमवार को आने की उम्मीद नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की कॉज लिस्ट में शशिकला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति वाला मामला शामिल नहीं है। कॉज लिस्ट में शशिकला का मामला न होने का मतलब है कि सोमवार को उस पर कोई फैसला आने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में दूसरी ओर ये भी खबर है कि शशिकला गुट जरूरत पडऩे पर सीएम कैंडिडेट बदलने पर भी विचार कर रहा है।
साभार-khaskhabar.com













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