देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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नई दिल्ली । देश आज 68वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। पूरा देश तिरंगे के रंग में सराबोर है। राजपथ पर परेड का आयोजन हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबसे पहले अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पीएम मोदी राजपथ पर पहुंचे। उन्होंने विजिटर्स बुक पर अपना संदेश लिखा। साथ ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी राजपथ पर पहुंचे। राष्ट्रपति के साथ क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद भी राजपथ पहुंचे। प्रधानमंत्री ने वीरता प्राप्त पुरस्कार लोगों से मुलाकात की। राष्ट्रगान के साथ समारोह की शुरुआत हुई और राष्ट्रपति ने तिरंगे को सलामी दी। राष्ट्रपति ने हवलदार हंगपन दादा को मरणोपरांत आशोक चक्र से सम्मानित किया। हंगपन दादा की पत्नी ने यह सम्मान ग्रहण किया। वहीं राष्ट्रपति भवन से राजपथ सलामी मंच के ऊपर से हेलीकॉप्टरों का दस्ता अपने जलवे दिखाते हुए गुजरे।
राजपथ पर देश की ताकत:
परेड शुरू होते ही दुनिया ने भारत की ताकत को राजपथ पर देखा। नौसेना का ब्रास बैंड अपनी धुन से लोगों को मोहित कर गया। इसके बाद आया नौसेना का मार्चिंग दस्ता। यूएई के यूएई के मिलिट्री बैंड के सदस्यों का दस्ता भी देखने लायक था। इसके बाद 61 कैवेलरी के अश्वरोहियों का दस्ता राजपथ से गुजरा। टी-90 टैंक के मैकेनाइज्ड दस्ते के पीछे इन्फैंट्री कॉम्बैक्ट व्हीकल का दस्ता था। परेड में ब्रम्होस हथियार प्रणाली और हथियार खोजी रडार स्वाति को भी प्रदर्शित किया गया। ज्ञातव्य है कि स्वाति स्वदेश निर्मित रडार है। परेड में रासायनिक जैविक विकिरण नाभिकीय अतिरक्षण स्वदेश निर्मित वाहन ने देश की ताकत भी दिखाई। वहीं कैप्टन अनिल बंसल के नेतृत्व में स्वदेशी आकाश मिसाइल का प्रदर्शन किया गया। स्वेदशी धनुष तोप सिस्टम भी परेड में देखने लायक नजारा था। यह विश्व के सबसे आधुनिक और उच्च तकनीक वाले तोप में से है। धनुष तोप के बाद मार्चिंग दस्ते की शुरुआत हुई मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट के साथ। इसके बाद बिहार रेजिमेंट के जवानों ने मार्च किया। भारतीय वायुसेना के मार्चिंग दस्ते ने राजपथ पर अपने शौर्य का प्रदर्शन किया। सीमा सुरक्षा बल का ऊंट दस्ता भी देखने लायक था।
तेजस-धनुष की पहली परेड
इस बार गणतंत्र दिवस पर हल्के स्वदेशी फाइटर प्लेन तेजस, हेलिकॉप्टर ध्रुव और रूद्र भी करतब दिखाएंगे। वहीं देसी बोफोर्स के नाम से मशहूर धनुष तोप भी परेड में पहली बार शामिल होगा। परेड में एक दर्जन से ज्यादा शस्त्र-अस्त्र स्वदेशी होंगे, जिसमें रडार से लेकर मिसाइलें और तोप खाने से लेकर रेकी वाहन शामिल हैं।
सांस्कृतिक झांकियां:
परेड के बाद राजपथ पर विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झांकियों ने लोगों का मन मोहा। राजपथ पर तमाम राज्यों की खूबसूरत झांकियां देखकर लोग दंग रह गए। जहां महाराष्ट्र की झांकी लोकमान्य तिलक पर केंद्रित थी तो हरियाणा की झांकी में बेटियों के साथ समानता के व्यवहार का संदेश दिया गया था। हिमाचल प्रदेश की झांकी में कसीदाकारी को दर्शाया गया था।
साभार-khaskhabar.com













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