देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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हिसार। बहुप्रतीक्षित फैसला गुरुवार को आ गया है। इसमें संत रामपाल को हत्या के दोनों मामले में न्यायालय ने दोषी करार दे दिया है। पूरा निर्णय सुरक्षित कर लिया गया। दोषी होने पर कितनी साल की सजा 17-18 अक्टूबर को सुनाएंगे। सेंट्रल जेल में ही कोर्ट बनाया गया और अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश डी. आर. चालिया ने मामले की सुनवाई की। मामला 2014 का है जब रामपाल के आश्रम में भडक़ी हिंसा में 7 लोगों की मृत्यु हो गई थी। इसमें 5 महिलाएं और 1 बच्चा भी शामिल था। फैसले के बाद रामपाल के समर्थकों द्वारा उपद्रव होने की आशंका के चलते जेल के ही अंदर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से रामपाल की पेशी हुई।
इस फैसले के मद्देनजर पूरे हिसार में कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं। बुधवार को ही जिले में धारा-144 लगा दी गई। साथ ही यहां की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। आपको दें कि बरवाला के सतलोक आश्रम प्रकरण में प्रशासन ने फैसले के बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। किसी भी तरह की आशंका को देखते हुए सुनवाई के दौरान कोर्ट से तीन किमी का सुरक्षा घेरा बनाया गया है।
साभार-khaskhabar.com













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