देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथरा। जनपद में बिजली बिल के बकायेदारों के लिए लाई गयी एक मुश्त समाधान योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराने का आखिरी दिन बचा है। सोमवार तक इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराये जा सकते हैं। विभागीय अधिकारियों ने योजना में अधिक से अधिक उपभोक्ताओं के रजिस्ट्रेशन कराने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किये हैं। इन प्रयासों के तहत गांव गांव कैंप लगाये गये। एसडीओ और जेई स्तर के अधिकारियों ने उपभोक्तओं के घरों पर दस्तक देकर योजना के बारे में समझाया और इसका लाभ लेने की उपभोक्ताओं से अपील की। विभाग को सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण क्षेत्र से बकाया वसूली में आ रही है। यह योजना मुख्यरूप से ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए ही लाई गयी है। हालांकि योजना के तहम शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ता रजिस्ट्रेशन करा कर योजना का लाभ ले सकते हैं। विभाग के अधीन कर्मचारी और अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को ओटीएस योजना का लाभ पहुंचाने के के लिए कैंप का आयोजन किया जा रहा है। योजना के तहत उपभोक्ताओं को ब्याज में माफी मिलेगी। इसके लिए उपभोक्ताओं को पंजीकरण कराते समय 30 फीसद बकाया धनराशि जमा करनी होगी। 12 मार्च तक 62 कैंप लगाये जा चुके हैं। अधीक्षण अभियंता अजय गर्ग के मुताबिक जनपद में ग्रामीण क्षेत्र में एलएमवीद्य-1 श्रेणी के 208476 उपभोक्ताओं पर 353.84 करोड रूपये का विद्युत बकाया है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में एलएमवी-5 श्रेणी में 11211 निजी नलकूप कनेक्शन धारकों पर 61.24 करोड रूपये बकाया है। एक मुश्त समाधान योजना के तहत 9057 ने अपना पंजीकरण कराया है। जिनसे 446.58 लाख रूपये जमा हुए हैं। जबकि कुल 4864 घरेलू उपभोक्ताओं ने पूरा बिल जमा किया है। जिनसे 338.20 लाख रूपये की वसूली हुई है। घरेलू नलकूप उपभोक्ताओं में 516 उपभोक्ताओं ने योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराया है।
बिजली विभाग के जिले में 4.50 लाख उपभोक्ता है। इनमें से ग्रामीण क्षेत्र के 20 से 22 फीसद उपभोक्ता हैं, जो नियमित रूप से अपना बिजली का बिल जमा कर रहे हैं। जबकि शहर में बिजली का बिल जमा करने वालों की संख्या हर माह 60 से 80 फीसद तक रहती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता बिजली का उपयोग तो पूरा करना चाहते हैं, लेकिन बिल जमा नहीं करना चाहते। जबकि एक-एक उपभोक्ता कई-कई लाख का बकाएदार हो गया है। उन उपभोक्ताओं को राहत देने तथा बिजली का बिल जमा कराए जाने के लिए एक मुश्त समाधान योजना फिर से शुरू की गई है।













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