देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। अलसुबह ही लोग घरों से बाहर थे। इसी बीच माइक लगा कर प्रचार कर रही एक गाडी आती है, लोगों से अपील की जा रही है, आपके गांव में नेताजी आ रहे हैं। नेताजी को सुनने और उनका उत्साह वर्धन करने के लिए भारी से भारी संख्या मंे सभा स्थल पर पहुचें।
आपके मसीहा आप लोगांे के सुख दुख में हमेशां शामिल रहने वाले नेताजी, अपके हित की कुछ खास बातें बताएंगे। सुबह दस बजे सभी शुरू हो जाएगी। नेताजी को कई और सभाएं भी करनी हैं।
यह आपका और आपके गांव का सौभाग्य है कि नेताजी यहां आ रहे हैं। इसी बीच पुलिस की एक गाडी भी वहां होकर गुजरती है। गाडी कुछ क्षण के लिए रूकती है और आगे बढ जाती है। प्रचार कर रही गाडी के माइक से इस तरह की बातें लगातार हो रही थीं और लोगों से अपील की जा रही थी कि वह अधिक से अधिक संख्या मंे सभा स्थल पर पहुंचें।
पुलिस की गाडी का पहुंचना ग्रामीणों के लिए आज भी कौतुहल भरा होता है। लोग यह जानना चाहते हैं थे कि पुलिस की गाडी क्यों आई थी? लोगों बताया जाता है कि कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन हो रहा है या नहीं यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की गाडियां घूम रही हैं। पुलिस किसी को पकडने नहीं आई थी।
गांव की सरकार चुनने का खुमार इन दिनांे ऐसा छाया है कि लोग रात को भी नहीं सोे रहे हैं। रात भर जागकर वोटरों की निगरानी कर रहे हैं। बडे नेताओं की सभाएं हो रही हैं। दावत उड रही हैं। शराब बंट रही है। लोग मस्ती में हैं। नेताजी भी चुनावी जीत का माहौल बनता देख खुश हैं।
अधिकारी भी इस बात को लेकर खुश हैं चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से निपट रही है। 29 अप्रैल को मतदान भी हो जाएगा। इस बीच लगातार कोरोना के मरीज गांवों में मिल रहे हैं। लोग हालात को देख कर बातें करने लगे हैं कि चुनाव बाद ही लाॅकडाउन लग सकता है।
हालात इतने खराब हो चले हैं। चुनाव के बीच कोरोना की चर्चा भी नुक्कडों पर हो रही है, यह बातें भी हो रही हैं कि कोरोना से फलां की मौत हो गई। फलां की हालत नाजुक है। लेकिन यह सब बातों तक सीमित है। लोगों को यह आभास अभी भी नहीं हो रहा है कि ऐसी परिस्थिति उनके अपने साथ या अपनों के साथ भी बन सकती है।
लोकतंत्र में जनता को जितना विश्वास अपने नेता पर होता है किसी और पर नहीं शायद नेताजी का कोरोना के प्रति लापवाही भरा व्यवहार ही जनता को कुछ ऐसा ही करने को उकसा रहा है। लाॅकडाउन के दिन लोगों ने शहर से लेकर गांव तक जमकर नियमों का उल्लंघन किया।
यह रही लाॅकडाउन में सख्ती की कहानी
बिना मास्क 392 लोगों के चालान काटे गये। और कुल शमन शुल्क 41,750 रुपये का वसूला गया।
जनपद में लाकडाउन के दूसरे दिन यानी रविवार को कुल 256 चालान किये गये। सीज वाहनों की संख्या 12, तीन सवारी पर भी 12 चालान किये गये। नगर क्षेत्र में चालान 93, वाहन सीज 7, तीन सवारी पर 10, बिना मास्क 149 चालान किये गये तथा शमन शुल्क 16,050 रूपये वसूले गये।
ग्रामीण क्षेत्र में चालान 91, सीज 5, बिना मास्क 207 चालान हुए। शमन शुल्क 22,100 वसूला गया।
यातायात पुलिस की ओर से चालान 72 हुए, कोई वाहन सीज नहीं हुआ। तीन सवारी पर दो चालान किये, बिना मास्क 36 और शमन शुल्क 3,600 रूपये वसूला।













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