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Read Moreनई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए जैन धर्मगुरु तरुण सागर का मजाक उड़ाने के आरोप में कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला और संगीतकार व गायक विशाल ददलानी पर 10-10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।
जस्टिस रोहिंटन नरीमन और सूर्यकांत की खंडपीठ ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ तहसीन पूनावाला द्वारा दायर याचिका पर हरियाणा सरकार को नोटिस भी जारी किया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने विशाल ददलानी और तहसीन पूनावाला को कहा कि उनके खिलाफ एफआईआर खारिज करने के लिए प्रत्येक को 10 लाख रुपए का भुगतान करना होगा।
हाईकोर्ट ने भी प्राथमिकी को खारिज कर दिया और कहा कि जुर्माना एक संदेश देने के लिए लगाया गया है, ताकि कोई धार्मिक संप्रदायों के प्रमुखों का मजाक न उड़ाए। हरियाणा पुलिस ने ददलानी और पूनावाला के खिलाफ अगस्त 2016 में जैन समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए अंबाला छावनी में मामला दर्ज किया था। हरियाणा सरकार द्वारा 25 अगस्त, 2016 को हरियाणा विधानसभा को संबोधित करने के लिए जैन धर्मगुरु मुनि तरुण सागर को आमंत्रित करने के बाद उन्होंने अगस्त 2016 में सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी। दोनों ने एफआईआर रद्द करने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। अंबाला कैंट पुलिस स्टेशन में दोनों के खिलाफ जानबूझकर व दुर्भावनापूर्ण तरीके से धार्मिक भावनाएं आहत करने के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295-ए, 153-ए और 509 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
साभार-khaskhabar.com













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