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टोक्यो ओलंपिक: टेबल टेनिस में इन महारथियों से है देश को उम्मीद

आगामी 23 जुलाई से खेलों के महाकुंभ माने जाने वाले टोक्यो ओलंपिक खेलों की शुरूआत होने जा रही है। इस बार के ओलंपिक खेलों में भारत तीरंदाजी, मुक्केबाजी, कुश्ती, टेबल टेनिस समेत कुल 18 प्रतिस्पर्धाओं में प्रतिभाग करेगा। टेबल टेनिस में भारतीय दल से कुल चार खिलाड़ी अपनी चुनौती पेश करेंगे। इन खिलाड़ियों में अचंत शरत कमल, सुतीर्था मुखर्जी, मनिका बत्रा और साथियान गनासेकरन शामिल हैं। इन सभी खिलाड़ियों से भारत को शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है। इस टीम में शामिल अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री विजेता शरत से देशवासियों को बहुत उम्मीदें हैं। अचंत ने एशियन ओलंपिक क्वॉलिफाइंग टूर्नामेंट के पुरुष एकल के दूसरे राउंड रोबिन मैच में पाकिस्तान के मोहम्मद रमीज को हराकर टोक्यो ओलंपिक में अपनी जगह बनाई थी। अचंत पुरुष एकल के अलावा मनिका बत्रा के साथ मिक्स्ड डबल्स में भी चुनौती पेश करेंगे।

इंजीनियरिंग के बजाय शरत ने चुना टेबल टेनिस

12 जुलाई 1982 को चेन्नई में जन्में अचंत शरत कमल नौ बार सीनियर नेशनल चैंपियन बनने वाले पहले भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं। महज चार साल की उम्र में उन्होंने टेबल टेनिस में कदम रखा था। उनके पिता श्रीनिवास राव और चाचा मुरलीधर राव भी टेबल टेनिस खिलाड़ी रह खेल चुके हैं। महज 15 वर्ष की उम्र में शरत ने इंजीनियरिंग के बजाय टेबल टेनिस में करियर बनाने का फैसला किया, इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर कभी नहीं देखा। शुरूआत में शरत में निरंतरता की कमी थी, लेकिन वर्ष 2002 के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए 16 सदस्यीय संभावित टीम में शामिल होने के बाद उनका करियर ही बदल गया, तब से उन्होंने कई प्रतियोगिताएं जीती हैं।

2019 में हासिल की करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग

2019 में शरत ने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग 30 हासिल की और अगले वर्ष उन्होंने अपना दूसरा अंतरराष्ट्रीय खिताब ओमान ओपन जीता। वर्तमान में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में एक अधिकारी के रूप में कार्यरत शरत ने एथेंस (2004), बीजिंग (2008) और रियो (2016) में आयोजित ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। ऐसे में इस बार के टोक्यो ओलंपिक खेलों में उनसे पदक की उम्मीद की जा रही है। शरत ने वर्ष 2006 में कतर में आयोजित एशियाई खेलों में भी देश का प्रतिनिधित्व किया है।

शरत कमल की प्रमुख उपलब्धियां

1) 2019 में पद्म श्री से सम्मानित

2) 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स (गोल्ड कोस्ट)- ब्रॉन्ज (मिक्सड डबल्स)

3) 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स (गोल्ड कोस्ट)- ब्रॉन्ज (पुरुष एकल)

4) 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स (गोल्ड कोस्ट)- सिल्वर (पुरुष युगल)

5) 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स (गोल्ड कोस्ट)- गोल्ड (पुरुष टीम)

6) 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स (दिल्ली)- ब्रॉन्ज (पुरुष टीम)

7) 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स (दिल्ली)- गोल्ड (पुरुष डबल)

8) 2006 कॉमनवेल्थ गेम्स (मेलबर्न)- गोल्ड (पुरुष टीम)

9) 2006 कॉमनवेल्थ गेम्स (मेलबर्न)- गोल्ड (पुरुष एकल)

10) 2004 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित

मनिका बत्रा

भारत की 26 वर्षीय महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा टोक्यो ओलंपिक में भारतीय दल का हिस्सा हैं। वह भारत की शीर्ष टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं और ओलंपिक में देश की उम्मीद भी हैं। जोश से भरी मनिका टोक्यो ओलंपिक में भी अपनी छाप छोड़ना चाहती हैं। वह दूसरी बार ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। मनिका बत्रा महिला एकल के अलावा अचंत शरत कमल के साथ मिक्स्ड डबल्स में भी चुनौती पेश करेंगी। मनिका ने मार्च 2021 में आयोजित एशियन ओलंपिक क्वालिफायर के जरिए टोक्यो ओलंपिक में अपनी जगह बनाई। वहीं, मिक्स्ड डबल्स में मनिका और अचंत शरत कमल फाइनल मुकाबले में कोरियाई जोड़ी सांग सु ली और जिही जनियोन को मात देकर क्वालिफाई करने में सफल रहे।

मनिका की उपलब्धियां

मनिका ने वर्ष 2011 में चिली ओपन के अंडर-19 कैटेगरी में रजत पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2015 के राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप में दो रजत और एक कांस्य पदक जीता था। 2016 के साउथ एशियन गेम्स में वह तीन स्वर्ण (महिला युगल, मिश्रित युगल और महिला टीम इवेंट) पदक जीतने में कामयाब रहीं थीं। इसके अलावा वर्ष 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में भी उन्होंने यादगार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण समेत कुल चार पदक जीते थे।

इन खेलों में मनिका ने महिला एकल में वर्ग में सिंगापुर की यू मेंग्यू को हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया था, जिसके बाद वह राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी बन गई थीं।

टेबल टेनिस की कठिन युक्तियों में से एक स्विच टेक्नीक में महारथ हासिल रखने वाली मनिका बत्रा ने महज चार वर्ष की उम्र से टेबल टेनिस खेलना शुरू कर दिया था। वर्ष 2008 में सिर्फ 13 साल की उम्र में देश का प्रतिनिधित्व कर मनिका ने साबित कर दिया कि टेबल टेनिस को अपने जीवन का लक्ष्य बनाकर उन्होंने कोई गलती नहीं की। अपने शानदार खेल के दम पर पूरी दुनिया को अपना लोहा मनवाने वाली मनिका टोक्यो ओलम्पिक में अपने अभियान की शुरुआत 24 जुलाई से करेंगी।

टोक्यो ओलंपिक में भारत का टेबल टेनिस कार्यक्रम

1) 24 से 27 जुलाई: पुरुष और महिला एकल राउंड 1, 2 और 3: जी साथियान, शरत कमल, मनिका बत्रा, सुतीर्था मुखर्जी, सुबह 5:30 बजे से

2) 24 जुलाई: मिक्स्ड डबल्स राउंड ऑफ 16 – शरत कमल/मनिका बत्रा, सुबह 7:45 बजे से

3) 25 जुलाई: मिक्स्ड डबल्स क्वार्टर-फ़ाइनल और सेमीफाइनल – शरत कमल/मनिका बत्रा, सुबह 6:30 बजे से

4) 26 जुलाई: मिक्स्ड डबल्स मेडल मैच – शरत कमल/मनिका बत्रा, शाम 5:30 बजे से

5) 29 जुलाई: महिला एकल पदक मैच – मनिका बत्रा, सुतीर्था मुखर्जी (यदि क्वालीफाई करते हैं), शाम 5:30 बजे से

6) 30 जुलाई: पुरुष एकल पदक मैच – जी साथियान, शरत कमल (यदि क्वालीफाई करते हैं), शाम 5:30 बजे से

नारद संवाद

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