देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
बीएसए में एक और घोटाले में बिना साक्ष्य हुई मान्यता
मथुरा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को घोटाले का केन्द्र में आज एक और घोटाला प्रकाश में आया है। जिसमें नियमों को ताक पर रखकर एक निजी विद्यालय को मान्यता देने के साथ ही उसमें तैनात शिक्षकों को दर किनार कर 15 फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। जिसमें बीएसए कार्यालय के एक कर्मचारी की पत्नी को भी शिक्षक बनाया गया है। मामले को लेकर ग्रामीण व हटाए गए शिक्षक बीएसए कार्यालय पर पहुंचकर आज हंगामा करते नजर आए।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने विभागीय कर्मचारी एवं अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि गोवर्धन ब्लाॅक के पारसौली गांव में संचालित दो विद्यालयों को एक कर नियम विरूद्ध मान्यता दी गई है। जिसमें छात्र संख्या में भी फर्जीवाड़ा किया गया है। दोनों विद्यालयों में 35 से 40 छात्रों पर तीन शिक्षक कार्यरत थे, लेकिन छात्र संख्या को फर्जी तरीके से 400 दर्शाकर मान्यता लेते हुए पुराने शिक्षकों को हटाकर 15 नए शिक्षकों की तैनाती की गई है।
मामला महाकवि सूरदास विद्यालय का बताया जा रहा है। यहां से हटाए गए शिक्षक सुरेन्द्र चंद ने बताया कि वो और दो साथी 1700 रूपए प्रतिमाह पर पढ़ाते थे। दोनों विद्यालय खंडहर हो चुके है विद्यालय के प्रबंधकों ने बीएसए कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारियों से सेटिंग करके दोनों विद्यालयों को एक दिखाकर मान्यता ली है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके एक साथी को विद्यालय के प्रबंधक ने नौकरी के लिए नाम पर 20 लाख रूपए लेकर नौकरी पर रख लिया। लेकिन उनके पास रूपयों की व्यवस्था नहीं हो सकी इस कारण उनको नौकरी से हटा दिया गया।
उन्होंने बताया कि इस प्रकरण की कई बार शिकायत बीएसए अधिकारी को की गई लेकिन कार्यवाही नहीं हुई। इन्हीं सब जांचों को लेकर आज उन्होंने प्रदर्शन किया है।













Related Items
शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिऐ खण्ड बिकास अधिकारी को दिया ज्ञापन
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने सेवानिवृत्त शिक्षकों का किया सम्मानित
बेसिक शिक्षा महानिदेशक को अवगत कराई शिक्षकों की समस्या