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विश्व किडनी दिवस: खराब आदतों से जवाब दे रही हमारी किडनी

मथुरा। हमारी खराब आदतों से किडनी जबाव दे रही हैं। डायबटीज और उच्च रक्तचाप से ग्रस्त लोगों में किडनी खराब होने की आशंका अन्य लोगों की तुलना में 10 गुना अधिक होती है। मोटापा, धूम्रपान, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, 50 वर्ष से अधिक उम्र, किडनी में स्टोन, यूरिन में रुकावट आदि समस्याएं हैं तो आप हाई रिस्क ग्रुप में आते हैं। प्रायरू जब किडनी 65 फीसद से अधिक खराब हो चुकी होती है, तभी समस्या का पता चलता है। ये बातें गुुरुवार को जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. मुकुंद बंसल ने कहीं।


महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल के डायलिसिस विभाग में विश्व किडनी दिवस मनाया गया। इसमें अस्पताल के सीएमएस एवं डॉक्टरों न मरीजों को केक खिलाया और किडनी को खराब होने से बचाने, खानपान में सुधार लाने के प्रति जागरुक किया। गुुरुवार को जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. मुकुंद बंसल, डॉ. अमिताभ पांडे, विकास मिश्रा, अमन कुमार एवं डायलिसिस विभाग के मैनेजर डॉ. चंद्रगुप्त ने केक काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की। डायलिसिस कराने वाले मरीजों को केक खिलाकर मरीजों का उत्साहवर्धन किया। डॉक्टरों ने मरीजों से ऐसा व्यवहार किया और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति सचेत किया कि उनके अन्दर किसी तरह की हीन भावना उत्पन्न न हो। सीएमएस डॉॅ. मुकुंद बंसल ने कहा कि आज विश्व किडनी दिवस है। यह दिवस प्रत्येक वर्ष मार्च के दूसरे गुुरुवार को मनाया जाता है। इन दिवसों के मनाए जाने का प्रमुख कारण है कि विश्व में किडनी संक्रमण और उसे बीमारियों से बचाने के लिए लोगों को अधिक से अधिक जागरुक किया जाए। दिवस के माध्यम से सभी अस्पतालों में डॉक्टरों मरीजों को किडनी के प्रति जागरुक किया जा रहा है।

 

नारद संवाद

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